
रायचूर (कर्नाटक), 2 सितंबर . भाजपा कर्नाटक अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने Wednesday को कहा कि कांग्रेस Government सूखा प्रभावित क्षेत्रों को घोषित करने के लिए रिश्वत मांग रही है और Government पर किसानों, दलितों, युवाओं और गरीबों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया.
भाजपा की पदयात्रा में भाग ले रहे विजयेंद्र ने रायचूर जिले के बेदार कार्लुकुंटी रोड पर सूखे की स्थिति और बाजरे की फसलों का निरीक्षण करने के लिए पदयात्रा से कुछ देर का विराम लिया. निरीक्षण के दौरान पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु और विधायक राजू गौड़ा भी उनके साथ थे.
पदयात्रा के दूसरे दिन मस्की में बोलते हुए विजयेंद्र ने दावा किया कि यह क्षेत्र गंभीर सूखे का सामना कर रहा है, लेकिन अभी तक इसे सूखा प्रभावित घोषित नहीं किया गया है.
उन्होंने आरोप लगाया, “इस कांग्रेस Government में रिश्वत दिए बिना कोई काम नहीं होता. अगर मस्की के किसान 10 लाख रुपए या 50 लाख रुपए रिश्वत के तौर पर देते हैं तो Chief Minister इस क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित कर सकते हैं.”
उन्होंने कांग्रेस Government पर झूठे वादे करके सत्ता में आने और बाद में किसानों, दलितों, युवाओं और गरीबों को भूल जाने का आरोप लगाया.
विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी) और जनजातीय उप-योजना (टीएसपी) के तहत आवंटित 52,000 करोड़ रुपए अन्य विभागों में स्थानांतरित कर दिए गए हैं, जिससे दलितों के विकास पर असर पड़ा है और उन्हें आवास, शिक्षा और अन्य कल्याणकारी उपायों के अवसरों से वंचित किया गया है.
उन्होंने कहा, “युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते थे. दलितों के लिए घर बनाए जा सकते थे. इस पैसे का इस्तेमाल शिक्षा को मजबूत करने और गरीब लोगों के घर-घर तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए किया जा सकता था. इसके बजाय, धनराशि को अन्य विभागों में भेज दिया गया. भगवान भी तुम्हें माफ नहीं करेंगे.”
भाजपा के चल रहे आंदोलन और पदयात्रा का जिक्र करते हुए विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से 187 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई है.
उन्होंने कहा कि भाजपा ने भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पदयात्रा शुरू की थी.
विजयेंद्र ने आरोप लगाया, “हमारी पदयात्रा की घोषणा से Chief Minister में दहशत फैल गई है. आशंका है कि Chief Minister की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है, इसीलिए मंत्री को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया.”
दलितों के कल्याण के प्रति कांग्रेस Government की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता केएन राजन्ना के इस्तीफे का भी जिक्र किया.
उन्होंने पूछा, “Chief Minister , जब अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंध रखने वाले राजन्ना ने राहुल गांधी के खिलाफ बात की थी तो क्या उन्हें 24 घंटे के भीतर इस्तीफा देने के लिए मजबूर नहीं किया गया था? क्या दलितों के प्रति आपकी यही चिंता है?”
विजयेंद्र ने कांग्रेस Government पर ‘दलित विरोधी, गरीब विरोधी और किसान विरोधी’ होने का आरोप लगाया और दावा किया कि जनता ने फैसला कर लिया है कि भाजपा को जल्द से जल्द सत्ता में वापस आना चाहिए.
उन्होंने पूर्व Chief Minister बीएस येदियुरप्पा के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई कल्याणकारी पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें भाग्यलक्ष्मी योजना, 108 एम्बुलेंस सेवाएं और दलित बस्तियों में पक्की सड़कें शामिल हैं.
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कांग्रेस Government को सत्ता से हटाने के लिए काम करें, जिसे उन्होंने ‘जनविरोधी’ Government बताया.
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एसएचके/डीकेपी
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