विकसित भारत 2047 के विजन में अहम योगदान दे रहा दादरा एवं नगर हवेली और दमन दीव: सी. पी. राधाकृष्णन

सिलवासा, 11 सितंबर . उपPresident सी. पी. राधाकृष्णन ने दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव (डीएनएचडीडी) को ‘मिनी इंडिया’ बताया है. अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर सिलवासा पहुंचे उपPresident ने कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश जनकेंद्रित विकास का मॉडल बनकर उभर रहा है और यहां हो रहे बदलाव ‘विकसित India 2047’ के विजन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.

उपPresident ने Friday को सिलवासा के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम गवर्नमेंट कॉलेज में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान मंच पर प्रशासक प्रफुल्ल पटेल, सांसद कालाबेन मोहनभाई डेलकर समेत जिला पंचायतों, नगर परिषदों और उद्योग संघों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. कार्यक्रम में उपPresident ने पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को टूलकिट और नए नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी बांटे.

सभा को संबोधित करते हुए उपPresident ने कहा कि डीएनएचडीडी इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे नई सोच वाली गवर्नेंस और लोगों की भागीदारी से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है. उन्होंने Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व और प्रशासक प्रफुल्ल पटेल की लगातार कोशिशों से पिछले एक दशक में हुई प्रगति की जमकर सराहना की.

उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले दशक में केंद्रशासित प्रदेश में 13,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से 450 से ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें 4,000 करोड़ रुपए की लागत से बनी लगभग 800 किलोमीटर सड़कें भी शामिल हैं.

स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों पर जोर देते हुए उपPresident ने कहा कि जिस प्रदेश में 2019 से पहले एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं था, वहां आज 177 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज है. इसके अलावा, सिलवासा में 450 बिस्तरों वाला नमो अस्पताल और दमन में हाल ही में शुरू हुआ 350 बिस्तरों वाला नमो अस्पताल लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहा है. पिछले तीन साल में टीबी के मामलों में 57 प्रतिशत और कुपोषण में 58 प्रतिशत की कमी आई है.

शिक्षा के क्षेत्र में 700 करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश से 21 नए स्कूल बने हैं और 16 स्कूलों का निर्माण जारी है. सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, निफ्ट और Gujarat नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों के कैंपस से युवाओं के लिए नए अवसर खुले हैं.

पर्यटन को लेकर उन्होंने कहा कि 2021 में जहां 6 लाख पर्यटक आते थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 50 लाख हो गई है. दमन नाइट मार्केट, राम-सेतु सीफ्रंट और इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स ने इसे नई पहचान दी है. साथ ही 7,500 से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और 2.8 लाख रोजगार के साथ औद्योगिक ताकत भी बढ़ी है. दमन में नमो एयरपोर्ट शुरू होने से दिल्ली, Mumbai और Ahmedabad से कनेक्टिविटी और मजबूत हुई है.

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