
New Delhi, 21 सितंबर . केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने Monday को कहा कि India की स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए क्रिटिकल मिनरल्स की रीसाइक्लिंग और मजबूत सर्कुलर इकोनॉमी इकोसिस्टम विकसित करना बेहद जरूरी है. उन्होंने इस दिशा में Government, उद्योग, शोध संस्थानों और स्टार्टअप्स के बीच व्यापक सहयोग तथा जनभागीदारी पर जोर दिया.
केंद्रीय खान मंत्रालय और मटेरियल्स रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमआरएआई) के संयुक्त तत्वावधान में New Delhi के हयात रीजेंसी में आयोजित “इंडियाज क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम एंड सर्कुलर इकोनॉमी” विषयक राष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन करते हुए रेड्डी ने कहा कि एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) उत्पादों से क्रिटिकल मिनरल्स की रिकवरी बढ़ाने और घरेलू रीसाइक्लिंग क्षमता को मजबूत करने की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि ई-वेस्ट और अन्य इस्तेमाल हो चुके उत्पादों को कचरा नहीं, बल्कि मूल्यवान संसाधन के रूप में देखा जाना चाहिए. उन्होंने जिम्मेदार ई-वेस्ट प्रबंधन, नवाचार, उद्यमिता और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने की अपील की और उद्योग, कंपनियों तथा शोधकर्ताओं से तकनीक आधारित और टिकाऊ रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया.
केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि संसाधन दक्षता बढ़ाने और आत्मनिर्भर सर्कुलर इकोसिस्टम बनाने के लिए क्रिटिकल मिनरल्स की रिकवरी और रीसाइक्लिंग क्षमताओं को मजबूत करना जरूरी है. उन्होंने जिम्मेदार कचरा प्रबंधन और ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग के प्रति जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया.
खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और उन्नत विनिर्माण जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के लिए क्रिटिकल मिनरल्स अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने बताया कि ई-वेस्ट, औद्योगिक अपशिष्ट और अन्य एंड-ऑफ-लाइफ सामग्री क्रिटिकल मिनरल्स की रिकवरी के महत्वपूर्ण द्वितीयक स्रोत बन सकते हैं, जिससे प्राथमिक स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और संसाधन दक्षता बढ़ेगी.
सेमिनार के दौरान Union Minister ने क्रिटिकल मिनरल रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम पर कॉन्सेप्ट पेपर भी लॉन्च किया. इसमें India में क्रिटिकल मिनरल्स की रीसाइक्लिंग, द्वितीयक स्रोतों से रिकवरी, संसाधन दक्षता और आत्मनिर्भर सर्कुलर इकोनॉमी विकसित करने की रणनीतिक रूपरेखा प्रस्तुत की गई.
सेमिनार में ई-वेस्ट संग्रह, लिथियम-आयन बैटरियों से धातुओं की रिकवरी, ब्लैक मास प्रोसेसिंग, नॉन-फेरस मेटल्स रीसाइक्लिंग और नीति संबंधी उपायों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए.
खान मंत्रालय ने बताया कि स्पेशल कैंपेन 6.0 और स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत जिम्मेदार ई-वेस्ट प्रबंधन, उसके सुरक्षित निस्तारण और औपचारिक रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम में उसके समुचित उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
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डीएससी
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