वाराणसी स्नातक सीट पर सपा की जीत तय, भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने मानी हार

Lucknow, 29 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी ताकत का सेमीफाइनल माने जा रहे विधान परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को वाराणसी स्नातक सीट पर बड़ा झटका लगता दिख रहा है.

मतगणना के तीसरे दिन Thursday को भी इस सीट पर नतीजा घोषित नहीं हो सका लेकिन Samajwadi Party के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा की लगातार मजबूत होती बढ़त के बीच भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने social media पर जनादेश स्वीकार करते हुए अपनी हार मान ली है. नौवें चक्र की मतगणना तक आशुतोष सिन्हा काफी आगे चल रहे थे. ऐसे में उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है. केदारनाथ सिंह ने social media पर जारी संदेश में वाराणसी खंड के स्नातक मतदाताओं के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी है.

उन्होंने लिखा कि वह जनादेश को पूर्ण विनम्रता और लोकतांत्रिक मर्यादा के साथ स्वीकार करते हैं. उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों का भी आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि चुनाव में सफलता और असफलता लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं लेकिन जनसेवा का संकल्प किसी परिणाम का मोहताज नहीं होता. उनके इस संदेश के बाद वाराणसी स्नातक सीट पर भाजपा की हार और सपा की संभावित जीत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि, अंतिम परिणाम और जीत का आधिकारिक प्रमाणपत्र जारी होने तक चुनावी प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी. मतगणना Tuesday सुबह आठ बजे शुरू हुई थी. Wednesday शाम तक 11 में से 10 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके थे लेकिन वाराणसी स्नातक सीट पर गिनती पूरी नहीं हो सकी.

वाराणसी में मतगणना के दौरान Wednesday शाम से शुरू हुआ विवाद देर रात तक जारी रहा. भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह धरने पर बैठ गए और उन्होंने मतगणना पर्यवेक्षक प्रांजल यादव पर धांधली कराने के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की. हालांकि, ये आरोप भाजपा प्रत्याशी की ओर से लगाए गए थे. दूसरी ओर, Samajwadi Party के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं से मतगणना केंद्र पर डटे रहने की अपील की. इसके बाद सपा के 500 से अधिक कार्यकर्ता रातभर मतगणना स्थल पर मौजूद रहे.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यकर्ताओं से भोजन, पानी, छतरी और तौलिये की व्यवस्था करने तथा मतगणना केंद्र से नहीं हटने की अपील की. उन्होंने लिखा, ”सब डटे रहें और जीत का प्रमाणपत्र लेकर ही उठें.” उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपने साथियों की मदद करने और हौसला बनाए रखने का भी आह्वान किया.

अखिलेश ने मतगणना की निगरानी को लेकर कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का संदेश देते हुए लिखा, ”नजर हटी, दुर्घटना घटी!” Samajwadi Party के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ने कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मेहनत करके मतदाताओं का समर्थन हासिल किया है. उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए दावा किया कि यदि यही रुझान आगे भी बना रहा तो 2027 में प्रदेश में सपा की Government बनेगी. सुजीत यादव ने भाजपा प्रत्याशी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद बहाने तलाशे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सपा किसी के स्तर पर उतरकर जवाब नहीं देना चाहती क्योंकि पार्टी का लक्ष्य प्रदेश में Government बनाना है.

गौरतलब है कि वाराणसी खंड की दोनों विधान परिषद सीटों पर पहले भी Samajwadi Party का कब्जा रहा है. स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा की बढ़त ने भाजपा के लिए Political चुनौती बढ़ा दी है. विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बीच उत्तर प्रदेश Government के मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के छह उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है जबकि घोषित परिणामों में Samajwadi Party को चार सीटें मिली हैं. उन्होंने कहा कि सपा को इन नतीजों से बहुत उत्साहित नहीं होना चाहिए क्योंकि कई सीटों पर उम्मीदवारों के व्यक्तिगत प्रभाव और मेहनत की अहम भूमिका रही है.

वहीं, कांग्रेस नेता अजय राय ने चुनाव परिणामों को लेकर Prime Minister Narendra Modi की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में यह चुनाव लड़ा ही नहीं. उन्होंने दावा किया कि भाजपा और Prime Minister मोदी के Political प्रभाव में गिरावट आने वाली है. उधर, कौशांबी से Samajwadi Party के नवनिर्वाचित एमएलसी मान सिंह यादव ने अपनी जीत का श्रेय मतदाताओं और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीतियों को दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान कई स्तरों पर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशें हुईं और कुछ स्थानों पर सपा समर्थकों को परेशान किया गया.

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने भी आरोप लगाया कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और कुछ स्थानों पर प्रशासन का दुरुपयोग कर परिणाम प्रभावित करने की कोशिश की गई. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है. वाराणसी स्नातक सीट पर मतगणना पूरी होने और आधिकारिक परिणाम घोषित होने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल, भाजपा प्रत्याशी के social media संदेश और सपा उम्मीदवार की बड़ी बढ़त ने इस चुनाव को प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना दिया है.

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विकेटी/एसके