
हैदराबाद, 29 सितंबर . Enforcement Directorate (ईडी) ने Tuesday को आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री वाईएस विवेकानंद रेड्डी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी येरा गांगी रेड्डी से वित्तीय लेन-देन के सिलसिले में पूछताछ की. गांगी रेड्डी लगातार दूसरे दिन ईडी अधिकारियों के सामने पेश हुए.
केंद्रीय एजेंसी एक अन्य आरोपी उमा शंकर रेड्डी से भी पूछताछ कर रही थी. आरोपियों से यह पूछताछ हत्या की साजिश से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेन-देन की ईडी की जांच का हिस्सा है.
ईडी ने पिछले हफ्ते एक और आरोपी सुनील यादव से पूछताछ कर उसका बयान दर्ज किया था. बताया जा रहा है कि गांगी रेड्डी और उमाशंकर रेड्डी से पूछताछ इसी बयान के आधार पर की जा रही है.
केंद्रीय एजेंसी ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) द्वारा दर्ज किए गए मामले और उसके द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की. पिछले साल अगस्त में ईडी ने एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की थी.
एजेंसी हत्या से पहले हुए पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है, क्योंकि सीबीआई को शक है कि विवेकानंद रेड्डी की हत्या के लिए आरोपी को 40 करोड़ रुपए की ‘सुपारी’ (कॉन्ट्रैक्ट) दी गई थी.
ईडी 4 करोड़ रुपए के ट्रांसफर और आरोपी से सरकारी गवाह बने शेख दस्तगीर को एडवांस के तौर पर दिए गए 1 करोड़ रुपए के पेमेंट की भी जांच कर रही है. पिछले महीने, ईडी ने कई जगहों पर तलाशी ली, जिनमें वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी से जुड़ी जगहें भी शामिल थीं. अविनाश रेड्डी, विवेकानंद रेड्डी के भतीजे हैं और इस मामले में आरोपी भी हैं.
ये तलाशी कडप्पा के सांसद अविनाश रेड्डी, उनके पिता वाईएस रेड्डी और हत्या के मामले में शामिल अन्य आरोपियों के ठिकानों पर ली गई.
पूर्व Chief Minister वाईएस राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) के भाई और वाईएसआरसीपी के अध्यक्ष व पूर्व Chief Minister वाईएस जगन मोहन रेड्डी के चाचा विवेकानंद रेड्डी की 15 मार्च 2019 को चुनावों से कुछ हफ्ते पहले पुलिवेंदुला स्थित उनके घर पर हत्या कर दी गई थी.
राज्य के पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद विवेकानंद रेड्डी (68) अपने घर पर अकेले थे, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी.
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 2020 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली. कोर्ट यह जांच विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता रेड्डी की याचिका पर सुनवाई के दौरान करवा रहा था, जिन्होंने कुछ रिश्तेदारों पर शक जताया था. जांच में तेजी लाते हुए सीबीआई ने 2023 में रेड्डी और उनके सहयोगी उदय कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया.
एजेंसी ने 2021 में इस मामले में पहली चार्जशीट और 2022 व 2023 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कीं.
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एएसएच/
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