
Bhopal , 14 अक्टूबर . Madhya Pradesh की राजधानी Bhopal में आदिवासी छात्रों से अभद्रता करना और रौब दिखाना एक Police अधिकारी को भारी पड़ गया है. मिसरोद थाने के प्रभारी रतन सिंह परिहार को निलंबित कर दिया गया है. दरअसल राजधानी के आदिवासी छात्र अपनी विभिन्न मांगों को पूरा करने और समस्याओं के निदान को लेकर आंदोलन कर रहे थे. ये छात्र जय जोहार जैसे नारे भी लगा रहे थे.
छात्रों के विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी से मौके पर मौजूद थाना प्रभारी परिहार भड़क उठे और उन्होंने छात्रों के साथ अभद्रता की. इस मामले का वीडियो भी social media पर वायरल हुआ है. इस मामले को राज्य के Chief Minister मोहन यादव ने गंभीरता से लिया है और उनके निर्देश पर थाना प्रभारी परिहार को निलंबित कर दिया है. साथ ही जांच की भी बात कही गई है.
आदिवासी छात्रों के साथ हुई अभद्रता पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले आदिवासी छात्रों के साथ Bhopal Police द्वारा ‘जोहार’ कहने पर अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज किए जाने की घटना बेहद गंभीर और निंदनीय है.
उन्होंने आदिवासी परंपरा का हवाला देते हुए आगे कहा कि जोहार कोई गाली नहीं, बल्कि हमारी आदिवासी संस्कृति, पहचान, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है. यह अभिवादन प्रेम, आदर और भाईचारे का संदेश देता है. हमारी संस्कृति और अस्मिता का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
नेता प्रतिपक्ष ने Chief Minister से कहा कि वर्दी की ताकत का इस्तेमाल नागरिकों को अपमानित करने के लिए नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए होना चाहिए. कानून के रखवालों से कानून और संविधान के सम्मान की अपेक्षा है. यदि किसी Policeकर्मी ने अपने पद का दुरुपयोग किया है तो उसकी जवाबदेही तय होनी ही चाहिए.
हमारी मांग है कि दोषी Policeकर्मियों के विरुद्ध तत्काल First Information Report दर्ज कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए. संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों की चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमारा संघर्ष संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और आदिवासी अस्मिता के सम्मान के लिए है.
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एसएनपी/डीकेपी
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