वरुण एरोन: रफ्तार भरी गेंद से तोड़ी स्टुअर्ट ब्रॉड की नाक, इंजरी के चलते लंबा नहीं हो सका इंटरनेशनल करियर

New Delhi, 28 अक्टूबर . टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज वरुण एरोन का इंटरनेशनल करियर भले ही चोटों के कारण लंबा नहीं हो सका, लेकिन उन्होंने अपनी रफ्तार के दम पर खूब सुर्खियां बटोरीं. वरुण India के उन चुनिंदा गेंदबाजों में से एक रहे, जिन्होंने 150 से अधिक स्पीड के साथ गेंदबाजी की.

वरुण का जन्म 29 अक्टूबर 1989 को Jharkhand में हुआ. वरुण को क्रिकेट से शुरुआत से ही लगाव था और अपनी रफ्तार से वह बल्लेबाजों को शुरुआत से ही परेशान किया करते थे. महज 14 साल की उम्र में ही वरुण ने अपनी गेंदबाजी से हर किसी का ध्यान खींचा. 15 साल की उम्र में वरुण का चुनाव चेन्नई के मशहूर एमआरएफ पेस फाउंडेशन में हुआ. यहां पर वरुण की तकनीक और रफ्तार को और बेहतर बनाने पर काम किया गया.

वरुण ने साल 2008 में घरेलू क्रिकेट में अपना डेब्यू किया और वह यहां भी अपनी तेज गेंदबाजी के दम पर जल्द ही चर्चा का विषय बन गए. विजय हजारे 2010-11 में वरुण ने 153 की रफ्तार से गेंदबाजी की और हर किसी को अपनी स्पीड से बेहद प्रभावित किया. इस दौरान उन्होंने एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा 6 बार किया. वरुण ने 66 फर्स्ट क्लास मैचों में 173 विकेट चटकाए. अपनी रफ्तार के बूते ही वरुण को जल्द ही भारतीय टीम से भी बुलावा आ गया. 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया. इसी साल वरुण ने क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में भी अपना पहला मैच खेला.

वरुण ने India के लिए कुल 9 वनडे मैच और इस दौरान 38.09 की औसत से 11 विकेट चटकाए. वहीं, टेस्ट क्रिकेट में वरुण ने 9 मुकाबलों में कुल 18 विकेट निकाले. वरुण ने साल 2014 के इंग्लैंड दौरे के दौरान अपनी रफ्तार भरी गेंद से स्टुअर्ट ब्रॉड की नाक तोड़ दी थी. हालांकि, वरुण का करियर लगातार होती इंजरी के कारण ज्यादा लंबा नहीं हो सका.

वरुण को करियर के दौरान 8 बार स्ट्रेस फ्रैक्चर की चोट से जूझना पड़ा. इसके साथ ही तीन दफा उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ. इंजरी के साथ-साथ वरुण के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी भी रही. वरुण के पास रफ्तार तो थी, लेकिन वह अच्छी लाइन एंड लेंथ के साथ गेंदबाजी करने में नाकाम रहे. टीम इंडिया में आते युवा तेज गेंदबाजों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण वह 2015 में भारतीय टीम से बाहर हो गए और फिर उनका दोबारा कमबैक नहीं हो सका.

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एसएम/डीकेपी