‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी: बाबा रामदेव

हरिद्वार, 23 अगस्त . योग गुरु स्वामी रामदेव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास और शिक्षा व्यवस्था दोनों को प्रभावित करते हैं. उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक साथ चुनाव होने से शिक्षकों का समय बचेगा और वे पूरी तरह छात्रों की पढ़ाई पर ध्यान दे सकेंगे.

हरिद्वार में स्वामी रामदेव ने कहा कि देश में हर कुछ महीनों में किसी न किसी राज्य में चुनाव होते रहते हैं, जिससे पूरा देश लगातार चुनावी मोड में रहता है. इसका असर विकास योजनाओं और प्रशासनिक कामकाज पर पड़ता है.

उन्होंने कहा, “वन नेशन, वन इलेक्शन से शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा, क्योंकि चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है. यदि एक साथ चुनाव होंगे तो शिक्षकों का समय बचेगा और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी.”

स्वामी रामदेव ने कहा कि संत समाज इस पहल का एकमत से समर्थन करता है, क्योंकि राष्ट्रहित किसी भी दल या क्षेत्रीय राजनीति से ऊपर है. उन्होंने कहा कि Political स्वार्थ के लिए देशहित से समझौता नहीं होना चाहिए.

उन्होंने Prime Minister Narendra Modi के विकसित India के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा, “Prime Minister ने 2047 तक विकसित India का संकल्प लिया है, लेकिन मेरी इच्छा है कि India 2040 तक ही विकसित राष्ट्र बन जाए.”

यूजीसी और आरक्षण आंदोलन को लेकर स्वामी रामदेव ने कहा कि कुछ लोग सड़कों से लेकर संसद तक हंगामा करके लोकतंत्र को बंधक बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा, “कुछ लोगों को लगता है कि वे सड़कों और संसद में अराजकता फैलाकर लोकतंत्र को बंधक बना सकते हैं, लेकिन लोकतंत्र को कोई बंधक नहीं बना सकता. देश लोकतांत्रिक व्यवस्था से चलेगा. अगर किसी को Prime Minister बनना है तो जनता के वोट से चुना जाए.”

वंदे मातरम विवाद पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन लोगों को संस्कृत और भारतीय संस्कृति का बोध नहीं है, वे इस विषय को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं. उन्होंने कहा, “हमारे लिए India माता सर्वोच्च है. जिन लोगों को संस्कृत और संस्कृति का ज्ञान नहीं है, उन्हें India और उसकी परंपराओं के बारे में थोड़ा ज्ञान अर्जित करना चाहिए.”

डीएससी