
New Delhi, 10 सितंबर . राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है. Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टिप्पणी के बाद Thursday को कांग्रेस ने उन पर तीखा हमला बोला, जबकि भाजपा नेताओं ने अपनी पार्टी अध्यक्ष का बचाव करते हुए उनके बयान को सही ठहराया.
उत्तराखंड के हल्द्वानी में Wednesday को भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने राहुल गांधी को “राहुल मियां” कहकर संबोधित किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी संस्कृति में पले-बढ़े हैं, इसलिए वे भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के महत्व को नहीं समझ सकते. उन्होंने कांग्रेस पर “राष्ट्र-विरोधी और अराजक मानसिकता” से प्रेरित होने का भी आरोप लगाया.
नितिन नवीन के बयान पर कांग्रेस नेता अमर सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष को राष्ट्रीय गीत का इतिहास पढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा, “1936 में कांग्रेस कार्यसमिति ने ही ‘वंदे मातरम’ को स्वीकार किया था.”
अमर सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके मुख्यालय पर 52 वर्षों तक तिरंगा नहीं फहराया गया. उन्होंने कहा कि भाजपा हर मुद्दे का Politicalरण करना चाहती है और उसे India के इतिहास तथा स्वतंत्रता संग्राम की जानकारी नहीं है.
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जब कांग्रेस के नेता जेल जा रहे थे, लाठियां खा रहे थे और यातनाएं झेल रहे थे, तब संघ परिवार के लोग अंग्रेजों को सूचनाएं देने और उन्हें पत्र लिखने का काम कर रहे थे.
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “आपके पूर्वज अंग्रेजों को उन लोगों की जानकारी देते थे, जो ‘वंदे मातरम’ गाते थे. वंदे मातरम हमारे खून में है. हमें किसी से इसे सीखने की जरूरत नहीं है. हम राष्ट्रीय गीत गाते रहेंगे.”
वहीं, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने नितिन नवीन के बयान का समर्थन करते हुए इसे कांग्रेस के बारे में “कड़वा सच” बताया. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विदेशी संस्कृति में शिक्षा पाने के कारण वे ‘वंदे मातरम’ का महत्व नहीं समझ सकते.
सरावगी ने स्वतंत्रता दिवस के दौरान हुए विवाद का भी जिक्र किया, जिसमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर राष्ट्रीय गीत के पूर्ण गायन में बाधा डालने के आरोप लगे थे. उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों का गीत है, लेकिन कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के लिए इसका अपमान कर रही है.
भाजपा विधायक राम कदम ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय गीत का अपमान करने के साथ-साथ विदेशों में भी India की छवि खराब कर रही है. उन्होंने कहा कि ऐसी कांग्रेस की देश को जरूरत नहीं है और अपने ही कार्यों के कारण उसका अस्तित्व लगातार कमजोर होता जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रीय आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ के केवल पहले दो अंतरों के गायन की सिफारिश की थी.
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डीएससी
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