
Bengaluru, 12 सितंबर . कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने Saturday को कहा कि पार्टी 15 सितंबर से राज्य के सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों में पांच दिन की पदयात्रा करेगी.
साथ ही, पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग राज्य Government के ‘वंदे मातरम’ के फैसले का विरोध करने के लिए तहसीलदारों और डिप्टी कमिश्नरों से मिलेंगे.
राज्य भाजपा कार्यालय ‘जगन्नाथ भवन’ में पत्रकारों से बात करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि पार्टी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेगी और राज्य Government पर अपना फैसला वापस लेने का दबाव बनाएगी.
उन्होंने कहा, “‘वंदे मातरम’ सिर्फ एक गाना नहीं है. इसने करोड़ों भारतीयों में आजादी की लड़ाई की भावना जगाई और लोगों में देशभक्ति का जज्बा पैदा किया.”
उन्होंने राज्य Government के उस फैसले की आलोचना की, जिसमें ‘वंदे मातरम’ के केवल दो पद (स्टैंजा) गाने की अनुमति दी गई है, जबकि केंद्र Government ने तय किया है कि इसके सभी छह पद गाए जाने चाहिए.
उन्होंने आरोप लगाया, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य Government और Chief Minister डीके शिवकुमार ने तय किया है कि केवल दो पद गाना ही काफी है. यह फैसला अल्पसंख्यकों को खुश करने के इरादे से लिया गया है.”
विजयेंद्र ने Chief Minister डीके शिवकुमार से जम्मू-कश्मीर के Chief Minister उमर अब्दुल्ला से सीख लेने का भी आग्रह किया, जिन्होंने ‘वंदे मातरम’ के सभी छह पदों को गाने की व्यवस्था सुनिश्चित की थी.
राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह पदयात्रा 15 सितंबर से पांच दिनों तक सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित की जाएगी.
कर्नाटक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े हालिया Enforcement Directorate (ईडी) के छापों पर विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर यह चर्चा चल रही है कि पार्टी के ही किसी व्यक्ति ने, जिसके पास जारकीहोली के बारे में जानकारी थी, ईडी को सूचना दी होगी.
उन्होंने कहा कि जारकीहोली ने खुद कहा था कि ईडी से शिकायत करने वालों का पता लगाया जाना चाहिए. इससे कांग्रेस के भीतर संभावित आपसी कलह को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
विजयेंद्र ने पूछा, “सतीश जारकीहोली भी Chief Minister पद के दावेदार हैं. क्या कांग्रेस के भीतर एक-दूसरे को कमजोर करने की कोशिश हो रही है?”
उन्होंने कहा कि ईडी की छापेमारी में भाजपा की कोई भूमिका नहीं है और दावा किया कि इस बात पर चर्चा हो रही है कि क्या ये घटनाक्रम कांग्रेस के अंदरूनी झगड़े और Chief Minister पद के लिए सत्ता की लड़ाई का नतीजा हैं.
उन्होंने कहा, “ईडी की छापेमारी के पीछे भाजपा का कोई हाथ नहीं है. इस बात पर चर्चा हो रही है कि क्या कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों और Chief Minister पद की लड़ाई के कारण कोई साजिश रची जा रही है.”
विजयेंद्र ने यह भी दावा किया कि ईडी को जानकारी दी गई हो सकती है क्योंकि जारकीहोली को Chief Minister पद की दौड़ में एक संभावित बाधा के तौर पर देखा जा रहा था.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष के विधान परिषद चीफ व्हिप एन. रविकुमार, भाजपा के राज्य महासचिव एनएस नंदीशा रेड्डी और प्रीतम गौड़ा, युवा मोर्चा के राज्य अध्यक्ष और विधायक धीरज मुनिराजू और पूर्व विधायक एमडी लक्ष्मीनारायण मौजूद थे.
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एएसएच/डीकेपी
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