लोग नहीं जुटेंगे तो बहाना तैयार है, राहुल गांधी की इंडिया’ ब्लॉक की रैली पर भाजपा का तंज

देहरादून, 30 अक्टूबर . दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली ‘इंडिया’ ब्लॉक की प्रस्तावित रैली से पहले सियासत तेज हो गई है. भाजपा की प्रदेश महासचिव दीप्ति रावत भारद्वाज ने राहुल गांधी की रैली को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी चुनावी हार की आशंका से पहले ही ईवीएम और वोट चोरी जैसे बहाने बना रही है.

1 नवंबर को होने वाली ‘इंडिया’ ब्लॉक की रैली पर दीप्ति रावत ने कहा, “अगर राहुल गांधी को ऐसा लगता है कि गृह मंत्री लोगों से किसी खास तारीख पर न आने की अपील कर रहे हैं और लोग उनकी बात मानकर नहीं आ रहे हैं, तो यह बहुत अच्छी बात है. उन्हें खुद सोचना चाहिए कि वे आखिर ये रैलियां कर ही क्यों रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “जब राहुल गांधी लोगों को बुलाते हैं और गृह मंत्री उनसे न आने के लिए कहते हैं और जनता गृह मंत्री की बात मान लेती है, तो आप समझ सकते हैं कि जनता का झुकाव किसकी तरफ है. राहुल गांधी को यह बात साफ तौर पर समझ लेनी चाहिए. सच कहूं तो राहुल गांधी की ये सब बातें बस बहाने हैं, उन्हें अपनी पार्टी के हालात पता है.”

भाजपा नेता ने कहा कि उत्तराखंड में अगर कांग्रेस राज्य के चारों कोनों से अपनी यात्रा शुरू करे और वहां 50 लोग भी इकट्ठा न हों, तो फिर वहां कौन आएगा? कांग्रेस का कौन सा कार्यकर्ता वहां पहुंचेगा? वह पहले से बहाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं. जैसे वह चुनाव में ईवीएम और वोट चोरी का बहाना बनाते हैं, उसी तरह यहां पर भी जब उन्हें अहसास हो गया है कि उनके आह्वान पर लोग नहीं जुटेंगे, तो वह पहले से बहाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

दीप्ति रावत ने कांग्रेस के social media पोस्ट पर भी कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक social media अकाउंट पर एक पोस्ट में महिलाओं के लिए जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, वह बेहद शर्मनाक है. हमारी सेविका समिति की बहनें एक मार्च निकाल रही थीं और उस दौरान उन्होंने एक वीडियो या फोटो ली, उसका स्क्रीनशॉट लिया और उसकी तुलना बंदरों से कर दी. मुझे लगता है कि यह बेहद अपमानजनक बात है.”

उन्होंने कहा, “इस मार्च में न केवल सेविका समिति से जुड़ी भाजपा की कई महिला नेता मौजूद थीं, बल्कि पूरे राज्य और हर जिले से महिलाएं वहां मौजूद थीं. इसलिए यह पूरे प्रदेश की महिलाओं का अपमान है. कांग्रेस को राज्य की आधी आबादी यानी हर एक महिला से माफी मांगनी चाहिए और उनके नेतृत्व को भी माफी मांगनी चाहिए. कांग्रेस पार्टी महिलाओं का अपमान लगातार करती रही है. जब कांग्रेस को पता लगा कि उन्होंने महिलाओं को लेकर अपने social media से कुछ गलत चीज डाली है तो उसके बाद उन्होंने उसे डिलीट कर दिया.”

एमएलसी चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए दीप्ति रावत ने कहा, “चार राज्यों में हुए एमएलसी चुनावों में कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाई. कांग्रेस ने इन एमएलसी चुनावों में जिस तरह से जीरो का आविष्कार किया है, वह सबने देखा है. इनमें कर्नाटक भी शामिल है, जहां कांग्रेस की अपनी Government है. इसके बावजूद वहां से कांग्रेस के खाते में एक भी एमएलसी सीट नहीं आई.”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और यह समझना चाहिए कि आखिर वह चाहती क्या है. हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ना है या बैलेट पेपर पर यह उनका केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा लेकिन कांग्रेस को अपनी नीति, अपने लोगों पर विश्वास और जनता के बीच लगातार विलुप्त होने पर अपने विश्वास को समझना और उसकी समीक्षा करनी पड़ेगी.

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एससीएच/