‘लोग क्यों नहीं समझते हैं कि यह सिर्फ एक मैच है’, भारत-पाकिस्तान की राइवलरी पर बोले वसीम अकरम

New Delhi, 3 सितंबर . Pakistan के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने क्रिकेट फैंस से कहा है कि India और Pakistan के मुकाबलों को सिर्फ एक खेल की तरह देखें. उन्होंने कहा कि लोगों को इस राइवलरी में पुरानी बातें, Political मुद्दे या अधिक भावनाएं नहीं जोड़नी चाहिए.

अकरम का मानना है कि भारत-Pakistan मैच हमेशा रोमांचक होते हैं, लेकिन खिलाड़ियों और फैंस को इसे खेल की भावना के साथ देखना चाहिए. उन्होंने India के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान के साथ अपने लंबे रिश्ते पर भी बात की. अकरम ने कहा कि दोनों के बीच कई वर्षों से अच्छा संबंध रहा है और वे एक-दूसरे का सम्मान करते हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि social media पर इरफान की कुछ बातों या गतिविधियों से वह हमेशा सहमत नहीं रहे. इसके बावजूद उन्होंने कहा कि अलग-अलग राय होना सामान्य बात है और इससे आपसी सम्मान कम नहीं होता.

अकरम ने ‘1 मिनट’ पॉडकास्ट पर बात करते हुए दोनों पड़ोसी देशों के बीच होने वाले मैचों को लेकर लोगों में बहुत ज्यादा उत्साह और जुनून पर बात की. उन्होंने कहा कि क्रिकेट मैच के नतीजे को समर्थकों के बीच लंबे समय तक दुश्मनी की वजह नहीं बनना चाहिए. लोगों के पास बहुत समय है. वे क्यों नहीं समझते? यह बस एक खेल है. आखिरकार, यह सिर्फ एक मैच है. किसी को जीतना है, किसी को हारना है. फिर अगले मैच की ओर बढ़ना है. मगर नहीं, जो बहुत पहले हुआ था, वह अभी भी लोगों के मन में है. बदला लेने जैसी बातें 1970 के दशक की हैं. यह वही पुरानी कहावत है कि ‘खाली दिमाग शैतान का घर होता है’.”

क्रिकेट इतिहास के सबसे मशहूर तेज गेंदबाजों में से एक अकरम ने पठान के साथ अपने रिश्ते पर भी बात की. इंटरनेशनल क्रिकेट में आने के बाद पठान की तुलना अक्सर Pakistan के पूर्व कप्तान से की जाती थी, क्योंकि दोनों ही बाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे और उनके गेंदबाजी एक्शन में भी समानताएं थीं.

दोनों की पहली मुलाकात 2004 में India के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान हुई थी, जब पठान इंटरनेशनल लेवल पर अपनी जगह बना रहे थे. अकरम ने बताया कि यह युवा भारतीय खिलाड़ी Pakistan के महान बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों को देखकर बड़ा हुआ था और तेज गेंदबाजी की कला सीखने के लिए बहुत उत्सुक था.

उन्होंने कहा, “इरफान 2004 में ऑस्ट्रेलिया के अपने पहले दौरे पर मुझसे मिले थे. मैं कमेंट्री कर रहा था. वह मेरे बहुत बड़े फैन थे. हमें खेलते हुए देखकर ही बड़े हुए थे. मैंने उन्हें कुछ टिप्स दिए थे, लेकिन उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही अच्छा प्रदर्शन किया. उनका बॉलिंग एक्शन शुरू से ही मेरे जैसा था. हालांकि, जब खिलाड़ी आपसे कुछ पूछते हैं, तो आप उन्हें ज्यादातर माइंडसेट के बारे में बताते हैं. एक्शन वगैरह तो ठीक है, क्योंकि उस स्टेज पर आप उस लेवल पर पहुंच चुके होते हैं, जहां आप देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं.”

Pakistan के पूर्व तेज गेंदबाज ने बताया कि उभरते हुए खिलाड़ियों को उनकी सलाह पहले से बनी-बनाई तकनीक को बदलने पर कम और सबसे ऊंचे स्तर पर सफल होने के लिए जरूरी रणनीतिक समझ विकसित करने पर ज्यादा केंद्रित होती थी. अकरम ने कहा, “वेरिएशन का इस्तेमाल कब करना है, कब नहीं. इरफान अच्छा लड़का है. वह अब भी मुझसे मिलता रहता है. यह अलग बात है कि वह Pakistan के खिलाफ कुछ न कुछ social media पर पोस्ट करते रहते हैं. हालांकि, हमारे फैन भी तैयार रहते हैं. वे भी नजरअंदाज नहीं करते. उन्हें बस जवाब देना होता है.”

पठान ने 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू किया और जल्द ही India के सबसे होनहार ऑलराउंडरों में से एक बन गए. उनकी लेफ्ट-आर्म पेस, नई गेंद को स्विंग कराने की क्षमता और अकरम जैसी बॉलिंग स्टाइल की वजह से उनके करियर के शुरुआती वर्षों में उनकी तुलना अकरम से होने लगी थी.

एसएम/एबीएम