
New Delhi, 25 सितंबर . भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक अंत्योदय के प्रणेता, महान चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर लोककसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत केंद्रीय मंत्रियों ने नमन किया है. इसके साथ ही दीनदयाल उपाध्याय के विचार एवं व्यक्तित्व को हमेशा के लिए प्रेरणादायी बताया है.
Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर पोस्ट किया, “एकात्म मानवदर्शन और अंत्योदय के प्रणेता, महान चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भावपूर्ण नमन. पं. दीनदयाल उपाध्याय का जीवन सादगी, विचारशीलता, राष्ट्रसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण रहा. उन्होंने भारतीय समाज और राष्ट्र के विकास को केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित न मानकर व्यक्ति, समाज, प्रकृति और राष्ट्र के बीच संतुलित एवं समन्वित विकास की आवश्यकता पर बल दिया.”
ओम बिड़ला ने आगे कहा, “दीनदयाल जी ने ‘अंत्योदय’ के माध्यम से समाज के उस व्यक्ति को विकास की प्राथमिकता में रखने की बात कही, जो सबसे पीछे और सबसे अधिक वंचित है. उनके विचारों का मूल भाव था कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचे और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन के अवसर प्राप्त हों. स्वदेशी, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनका चिंतन आज भी भारतीय सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विमर्श में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. दीनदयाल उपाध्याय के विचार एवं उनका व्यक्तित्व सदैव प्रेरणादायी रहेंगे.”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, “भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक तथा भारतीय जनता पार्टी के वैचारिक मार्गदर्शक और नैतिक प्रेरणा-स्रोत पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन. पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन राष्ट्रसेवा, सादगी, शुचिता और सिद्धांतनिष्ठा का प्रेरक उदाहरण है. ‘अंत्योदय’ के माध्यम से उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास, अवसर और सम्मान पहुँचाने का मार्ग दिखाया, वहीं ‘एकात्म मानववाद’ के माध्यम से उन्होंने समावेशी, संतुलित एवं समन्वित विकास की व्यापक दृष्टि प्रस्तुत की. उनके विचार, जीवन और आदर्श सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे. उनकी जयंती पर उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करते हुए अंत्योदय, राष्ट्रहित और समाजसेवा के संकल्प को और सुदृढ़ करने का प्रण लें.”
Union Minister मनोहर लाल ने एक्स पर लिखा, “महान राष्ट्रवादी विचारक, भारतीय जनसंघ के संस्थापक व ‘एकात्म मानववाद’ के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी जयंती पर नमन एवं वंदन करता हूं. भारतीय राजनीति में अंत्योदय के सिद्धांत को स्थापित करने वाले श्रद्धेय दीनदयाल जी का जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है. दीनदयाल के विचार और सिद्धांत देशवासियों को सदैव जनसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे. Prime Minister के नेतृत्व में पंडित की अंत्योदय की अमूल्य धरोहर आज विकसित India के संकल्प से सिद्धि के लक्ष्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.”
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट किया, “एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रवादी, हमारे प्रेरणास्रोत श्रद्धेय पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों और सिद्धांतों ने देश को एक वैकल्पिक विचारधारा देने का कार्य किया. राष्ट्र के पुनर्निर्माण में उनकी विचारधारा ने महत्वपूर्ण भूमिका बजाई. गरीब कल्याण के लक्ष्य से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने एकात्म मानववाद के दर्शन और अंत्योदय की विचारधारा को साकार करके दिखाया. ऐसे महान युगद्रष्टा को नमन.”
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर लिखा, “राष्ट्र प्रथम और जनसेवा को जीवन का ध्येय बनाने वाले महान चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपने विचारों से India को आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और समरस राष्ट्र बनाने का मार्ग दिखाया. उनका एकात्म मानववाद और अंत्योदय का दर्शन आज भी समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास की प्रेरणा देता है. मां भारती के उपासक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन.”
Union Minister जेपी नड्डा ने एक्स पर पोस्ट किया, “एकात्म मानववाद के प्रणेता, भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य एवं हमारे पथ-प्रदर्शक श्रद्धेय पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर कोटिशः नमन करता हूं. ‘अंत्योदय’ के संकल्प को आधार बनाकर उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और राष्ट्र की आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया. पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का सरल जीवन, राष्ट्रनिष्ठ चिंतन और भारतीय संस्कृति के प्रति अटूट समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है. आज हमारी Government उनके विचारों को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुँचाने के लिए संकल्पबद्ध है.”
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ओपी/एएस
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