
New Delhi, 12 अक्टूबर . भाजपा के वरिष्ठ नेता अनुराग ठाकुर ने भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान अनुराग ठाकुर ने Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कहने को तो नेता विपक्ष हैं लेकिन वो एक ऐसे नेता हैं, जिनको न तो तथ्यों का पता है, न तर्क का पता है और न नियमों की जानकारी है. उन्हें तो बस इतना पता है कि अराजकता कैसे फैलानी है, अस्थिरता कैसे लानी है, देश की संवैधानिक संस्थाओं को नीचा कैसे दिखाना और दुनियाभर में देश की छवि को नुकसान कैसे पहुंचाना है.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जो वोट चोरी की बात कर रहे हैं, वो खुद जनादेश से सीना जोरी कर रहे हैं. राहुल गांधी हवा-हवाई बाते करते हैं, उनकी पूरी राजनीति का पैटर्न ही हवा-हवाई है. राहुल गांधी एक ऐसे नेता हैं, जिनके बारे में हर बात हवा हवाई है. वो पहले आरोप लगाते हैं और फिर अदालत में जाकर माफी मांगते हैं. 99 चुनाव हारने वाले राहुल गांधी हर सीजन में ये देखते हैं कि ठीकरा कहां फोड़ना है. वो हार का ठीकरा कभी ईवीएम पर फोड़ते हैं, तो कभी चुनाव आयोग पर और कभी मुख्य चुनाव आयोग को अपनी हार के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले President मुर्मु के पास गए, वहां भी उनसे जब शिकायत के साथ प्रमाण मांगे गए तो वो बगलें झांकने लगे. फिर वो मुख्य न्यायाधीश के पास गए तो उन्होंने कह दिया कि आप सर्वोच्च अदालत को राजनीति का अखाड़ा नहीं बना सकते हैं. राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का एक ही फंडा है, राज नहीं तो अराजकता फैला दो.
उन्होंने कहा कि देश को जनता को कोर्ट के सामने अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है लेकिन कांग्रेस अपने आप को सभी संवैधानिक संस्थाओं से ऊपर मानती है. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस पार्टी ने देश के संविधान को कुचलने का काम किया हो, जिस पार्टी ने देश के लाखों युवाओं की नसबंदी करने का काम किया हो, जिस पार्टी ने लाखों युवाओं को जेल में डालने का काम किया हो, जिस पार्टी ने देश में इमरजेंसी लगाई हो, आज वो पार्टी चुनाव में धांधली की बात कर रही है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का बैलेट पेपर लूटने और पोलिंग बूथ कैप्चर करने का इतिहास रहा है, यही वजह है कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी के तमाम नेता और बैलेट पेपर पर चुनाव कराने की मांग करते हैं. वो चुनाव आयोग पर आरोप तो लगाते हैं, लेकिन प्रमाण कहां हैं? क्या राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रमाण दिया है? असहमति लोकतंत्र में सबका अधिकार है लेकिन अगर असहमति के आधार पर आरोप लगाए जाएंगे तो प्रमाण भी देना होगा.
उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष का अधिकार आरोप लगाना है तो उन आरोपों के प्रमाण देना भी विपक्ष की ही जिम्मेदारी है. लोकतंत्र में जवाबदेही केवल Government की ही नहीं नेता प्रतिपक्ष की भी है. उन्होंने कहा कि जनादेश पसंद आए तो लोकतंत्र, चुनाव हार जाएं तो वोट चोरी. लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है लेकिन जनादेश को बदनाम करने का लाइसेंस नहीं है.
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एमएस/पीएम
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