‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान चलाएगी भाजपा, नितिन नवीन करेंगे शुरुआत : तुहिन सिन्हा

Mumbai , 27 अक्टूबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठाने को लेकर विपक्षी नेताओं की आलोचना की. साथ ही, कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और व्यापारियों से समर्थन मांगने के मुद्दे पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. तुहिन सिन्हा ने कहा कि विपक्षी दलों को न्यायिक व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया कि संजय राउत लगातार न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह भी राउत ने एक विवादित ट्वीट किया था, जिसमें अल्बानिया में Supreme Court की इमारत जलाए जाने का वीडियो साझा करते हुए भारतीय Supreme Court को भी इससे सबक लेने की बात कही थी.

सिन्हा ने कहा कि अब संजय राउत इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि Supreme Court समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों को साक्ष्य के रूप में क्यों स्वीकार नहीं कर सकता. इस तरह के बयान देने से पहले संजय राउत को कानूनी प्रक्रिया को समझना चाहिए. यदि उन्हें कानूनी प्रक्रिया की जानकारी नहीं है, तो उन्हें इस विषय पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए.

उन्होंने कहा कि Supreme Court किसी के विरोध प्रदर्शन से न तो डरता है और न ही उसे इस तरह प्रभावित करने का प्रयास किया जाना चाहिए. विपक्षी दल न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठाकर अपने पक्ष में फैसले की उम्मीद कर रहे हैं.

सिन्हा ने समाचार पत्रों की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अखबार सूचना पहुंचाने का माध्यम हैं. समाचार पत्रों का काम खबरें प्रकाशित करना है, न कि हर खबर में किए गए दावों की सत्यता को प्रमाणित करना. विपक्षी नेताओं को न्यायिक व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए.

भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने अब ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि जनता को यह बताना जरूरी है कि भीड़तंत्र के माध्यम से देश में अराजकता फैलाने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जा सकता. इसी अभियान के तहत Wednesday को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दिल्ली में एक बड़े कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे.

उन्होंने कांग्रेस को 1 नवंबर की तारीख का ध्यान रखने की भी सलाह दी. सिन्हा ने कहा कि इस दिन 1984 में दिल्ली में सिखों का नरसंहार हुआ था, जिसे देश आज तक नहीं भूला है. सिख समुदाय के साथ-साथ व्यापारी वर्ग भी इस तारीख को लेकर चिंतित है. उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह लोगों की भावनाओं और व्यापारियों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यक्रम पर पुनर्विचार करे ताकि आम लोगों और कारोबारियों को नुकसान न हो.

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए तुहिन सिन्हा ने कहा कि उनके बयानों में लगातार बेचैनी और हताशा दिखाई दे रही है. राहुल गांधी ने व्यापारियों के संगठन को पत्र लिखकर उनसे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन करने को कहा है.

सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यदि व्यापारी इस मांग का समर्थन करते हैं, तो 30 सेकंड के भीतर विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया जाएगा. उन्होंने इसे व्यापारियों पर दबाव बनाने की कोशिश बताया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस व्यापारियों को अपने Political कार्यक्रमों का समर्थन करने के लिए मजबूर करना चाहती है. इस तरह की राजनीति से कारोबारियों के कामकाज और उनकी स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है.

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना Political दलों का अधिकार है लेकिन इसके लिए आम जनता और व्यापारियों पर दबाव बनाना उचित नहीं है. उन्होंने कांग्रेस से अपनी राजनीति और विरोध प्रदर्शन के तरीकों पर विचार करने की अपील की.

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पीएम