लेबनान के साथ समझौते में प्रगति तभी जब सेना जमीन पर दिखाए असर : इजरायल

यरूशलम, 17 सितंबर . इजरायल के सैन्य प्रमुख एयाल जमीर ने कहा है कि लेबनान के साथ हिज्‍बुल्लाह को हथियारमुक्त करने संबंधी किसी समझौते में तब तक प्रगति नहीं हो सकती, जब तक कि लेबनानी सेना जमीन पर अपनी कार्यक्षमता में बड़ा सुधार नहीं करती. यह बयान अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली नई वार्ता से कुछ सप्ताह पहले आया है.

Wednesday को लेबनान सीमा के पास तैनात सैनिकों से मुलाकात के दौरान जमीर ने कहा क‍ि हम लिटानी नदी के दक्षिण वाले क्षेत्र से हिज्‍बुल्लाह की मौजूदगी खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसके साथ ही हमारा बड़ा लक्ष्य हिज्‍बुल्लाह को हथियारमुक्त करना भी है.

उन्होंने कहा क‍ि जब तक लेबनानी सशस्त्र बल जमीन पर अपनी प्रभावशीलता में स्पष्ट सुधार नहीं करते, तब तक लेबनानी Government के साथ किसी संभावित समझौते के तहत इस लक्ष्य को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता.

जमीर ने कहा कि इजरायल की नई रक्षा रणनीति इस सिद्धांत पर आधारित है कि सैनिकों की मौजूदगी ‘सीमा के पार, दुश्मन के इलाके के अंदर तक’ बनी रहे. फिलहाल इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में सीमा से लगभग 10 किलोमीटर अंदर तक के क्षेत्र में मौजूद है.

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इजरायल और लेबनान अक्टूबर में रोम में फिर से बातचीत करने वाले हैं. अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली इस वार्ता का उद्देश्य एक सुरक्षा समझौते तक पहुंचना है.

जून में हुए युद्धविराम के ढांचे के तहत यह योजना थी कि इजरायली सेना लेबनान से पीछे हटेगी और साथ ही हिज्‍बुल्‍लाह को निरस्त्र किया जाएगा. लेकिन इस प्रक्रिया में प्रगति रुक गई है, क्योंकि इजरायल अब भी लेबनान में लगभग रोजाना हवाई हमले कर रहा है.

लेबनान कई बार यह मांग कर चुका है कि इजरायली सेना उसकी जमीन से पूरी तरह बाहर निकले.

इस बीच, Monday को इजरायली Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल दक्षिणी लेबनान में हिज्‍बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को नष्ट करना जारी रखेगा. यह बयान उस खबर के कुछ दिन बाद आया जिसमें कहा गया था कि अगले महीने अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायली और लेबनानी अधिकारी सुरक्षा वार्ता फिर से शुरू कर सकते हैं.

वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने कहा, “हम लेबनान के ‘सुरक्षा क्षेत्र’ में मौजूद आतंकी ढांचे को नष्ट करना जारी रखेंगे.”

यह सुरक्षा क्षेत्र दक्षिणी लेबनान का वह इलाका है जहां जून में युद्धविराम लागू होने के बावजूद इजरायली सैनिक अभी भी तैनात हैं.

नेतन्याहू ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इजरायल पर हमला किया गया, तो वह और भी अधिक कड़ा जवाब देगा.

एवाई/पीएम