
New Delhi, 8 अक्टूबर . मैनचेस्टर यूनाइटेड के लंबे समय से प्रशंसक रहे भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल को भरोसा है कि यह इंग्लिश टीम इंटरनेशनल ब्रेक के बाद प्रीमियर लीग में बेहतर स्थिति के लिए कड़ी चुनौती पेश करेगी. ओल्ड ट्रैफर्ड में मैनचेस्टर डर्बी को लाइव देखने के अपने हालिया अनुभव के बाद, उन्हें टीम के लड़ने के जज्बे और अप्रत्याशित खेल पर पूरा भरोसा है.
मैनचेस्टर यूनाइटेड और मैनचेस्टर सिटी के बीच हुए मुकाबले को देखने के लिए मशहूर स्टेडियम पहुंचे चहल ने कहा कि उनका मैनचेस्टर यूनाइटेड से रिश्ता बचपन से जुड़ा हुआ है.
उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से इस क्लब के प्रशंसक रहे हैं और क्रिकेट के अलावा फुटबॉल भी उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. चहल के लिए मैनचेस्टर यूनाइटेड को सपोर्ट करना सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि उनके खेल-सफर का खास हिस्सा है.
चहल ने ‘जियोस्टार’ से बात करते हुए कहा, “इस यूनाइटेड टीम के बारे में मुझे जो बात सबसे अच्छी लगती है, वह है उनका लड़ने का जज्बा और अप्रत्याशित खेल. मैथियस कुन्हा ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें मैं बहुत पसंद करता हूं. जिस तरह से वे इतनी ऊर्जा के साथ खेलते हैं, डिफेंडरों का सामना करते हैं और अपने आसपास के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं, वह शानदार है. मुझे सच में विश्वास है कि यह टीम अभी भी लोगों को चौंका सकती है. बचपन से ही यूनाइटेड का प्रशंसक होने के नाते मुझे हमेशा टीम पर भरोसा रहेगा और मैं उनका समर्थन करता रहूंगा. एक फुटबॉल प्रशंसक होने का असली आनंद यही है.”
चहल के लिए मैनचेस्टर यूनाइटेड का समर्थन करना सिर्फ नतीजों को देखने तक सीमित नहीं है. क्रिकेटर ने कहा कि क्लब बचपन से ही उनके जीवन का हिस्सा रहा है, और दोस्तों के साथ अहम मैच देखना प्रीमियर लीग को फॉलो करने के आनंद का एक हिस्सा बन गया है.
चहल ने कहा, “मैनचेस्टर यूनाइटेड बचपन से ही मेरी पसंदीदा टीम रही है. जब भी मुझे समय मिलता है, मैं प्रीमियर लीग के मैच देखना पसंद करता हूं. मुझे सबसे ज्यादा मजा तब आता है, जब मैं अपने दोस्तों के साथ बैठकर यूनाइटेड का कोई बड़ा मैच देखता हूं. ऐसे मुकाबलों में काफी रोमांच, भावनाएं और मजाक-मस्ती होती है, जो अनुभव को और खास बना देती हैं.”
यह जुनून तब और बढ़ गया जब चहल ने ओल्ड ट्रैफर्ड के अंदर से मैनचेस्टर डर्बी का अनुभव किया. इस मौके ने उन्हें इंग्लिश फुटबॉल के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक को टेलीविजन स्क्रीन के बजाय स्टेडियम में बैठकर देखने का मौका दिया. इस मुकाबले में ऐसे उतार-चढ़ाव भी आए, जिन्होंने यूनाइटेड के इस प्रशंसक के लिए अनुभव को खास तौर पर यादगार बना दिया. चहल को लगा कि सिटी के 10 खिलाड़ियों पर सिमट जाने के बाद मैच का रुख उनकी टीम के पक्ष में मुड़ सकता है, लेकिन अंत में मैच से निराशा ही हाथ लगी.
उन्होंने कहा, “मैंने हाल ही में मैनचेस्टर डर्बी देखा. जब सिटी के खिलाड़ी कम होकर 10 रह गए, तो मुझे सच में लगा कि मैनचेस्टर यूनाइटेड जीत का कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेगी, और कुछ पल ऐसे भी आए जब लगा कि हम मैच जीत सकते हैं. फिर हालैंड का गोल करना और उस गोल पर वीएआर का पूरा ड्रामा देखना, एक यूनाइटेड प्रशंसक के तौर पर बहुत दुखद था, लेकिन फुटबॉल ऐसा ही है, कभी आपको मनचाहा नतीजा मिलता है तो कभी नहीं.”
इंटरनेशनल ब्रेक के बाद प्रीमियर लीग फिर से शुरू होने वाली है, ऐसे में चहल को उम्मीद है कि यूनाइटेड को अपने कैंपेन की कहानी बदलने का एक और मौका मिलेगा.
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एसएम/एबीएम
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