
वेलिंगटन, 6 नवंबर . India के फील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने सीनियर बल्लेबाजों विराट कोहली और रोहित शर्मा की अंदाजा लगाने और खेल को समझने की काबिलियत की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि खास जगहों पर फील्डिंग करने का उनका अनुभव उन्हें दूसरों से बेहतर बनाता है.
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे से पहले घोष ने बताया कि कैसे कोहली को कवर और पॉइंट जैसी जगहों की अच्छी जानकारी होने से उन्हें गेंद की दिशा पहले समझने में मदद मिलती है, जबकि रोहित के अंदाजे ने सीरीज के पहले मैच में डेरिल मिशेल के रन-आउट होने में अहम भूमिका निभाई.
घोष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “विराट ने कवर और पॉइंट पर कई बार फील्डिंग की है, इसलिए उन्हें गेंद की दिशा और रास्ता पता है, साथ ही यह भी पता है कि गेंद टकराने के बाद कैसे जाएगी. वह दूसरों की तुलना में स्थिति को थोड़ा पहले समझ लेते हैं, और आप उनके काम करने के तरीके में यह देख सकते हैं.”
शुभदीप ने पहले वनडे में मिचेल के आउट होने के दौरान रोहित की अवेयरनेस और तेज मूवमेंट पर भी जोर दिया. रोहित ने मिचेल को रन आउट किया था.
उन्होंने कहा, “जहां तक रोहित की बात है, मुझे लगता है कि उन्होंने उस रन-आउट के दौरान अंदाजा लगा लिया था कि गेंद स्क्वायर लेग की तरफ जाएगी. वह सीधे नहीं चल रहे थे. वह पहले से ही थोड़ा स्क्वायर लेग की तरफ जा रहे थे. उस शुरुआती अंदाजें ने उन्हें स्किल को पूरी तरह से करने में मदद की. अंदाजा लगाना फील्डिंग के सबसे जरूरी पहलुओं में से एक है.”
शुभदीप ने कहा, “हमने पहले वनडे में अच्छा किया. हमने कुछ अच्छे कैच लिए, विकेट लिए और बेहतरीन ग्राउंड फील्डिंग से इसे सपोर्ट किया. इंटेंसिटी बहुत अच्छी थी. जब आप विरोधी टीम को लगभग 180 रन पर रोकते हैं, तो यह न केवल अच्छी गेंदबाजी बल्कि क्वालिटी फील्डिंग को भी दिखाता है.”
फील्डिंग कोच ने विदेशी दौरों के दौरान अलग-अलग कंडीशन में ढलने की चुनौतियों के बारे में भी बात की, और बताया कि मैदान के आकार, मौसम और बाउंड्री की जगह के लिए खिलाड़ियों को अलर्ट रहने की जरूरत होती है.
उन्होंने कहा, “जब आप अलग-अलग देशों में जाते हैं, तो नई कंडीशन में ढलना हमेशा एक चुनौती होती है. ग्राउंड के आकार अलग-अलग होते हैं, और मौसम ठंडा हो सकता है, और ये ऐसी बातें हैं जिन पर हम ड्रेसिंग रूम में नियमित बात करते हैं.”
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पीएके
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