
परभणी, 21 अक्टूबर . दशहरे के अवसर पर शिवसेना शिंदे गुट की ओर से आयोजित मेले में उपChief Minister एकनाथ शिंदे ने यह मेला किसानों को समर्पित करने की बात कही थी. अब उनके इस बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने निशाना साधा है.
रोहित पवार ने कहा कि किसानों को मेला समर्पित करने के बजाय उन्हें प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए. खेतिहर मजदूरों को 25 हजार रुपये की मदद दी जाए. सूखे के कारण महिला बचत समूहों और विद्यार्थियों द्वारा लिए गए कर्ज माफ किए जाएं, साथ ही विद्यार्थियों की फीस भी माफ की जाए. उन्होंने कहा कि सभा और कार्यक्रम किसी को समर्पित करने के बजाय Government को आम लोगों की मदद करनी चाहिए.
रोहित पवार मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार के उम्मीदवार के प्रचार के लिए परभणी पहुंचे थे. इसी दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने उपChief Minister एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा.
सूखे के कारण ग्रामीण इलाकों के 40 प्रतिशत लोग शहरों की ओर जा सकते हैं, विधायक रोहित पवार ने यह आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि जिन पशुओं की कीमत पहले 80 हजार से एक लाख रुपये तक थी, उनकी कीमत अब घटकर 40 हजार रुपये रह गई है. ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाला स्थलांतर एक गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दा है. रोहित पवार ने मांग की कि किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये और खेत मजदूरों को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए. जिन क्षेत्रों में नागरिकों को पीने के लिए प्रतिदिन 20 लीटर पानी दिया जा रहा है, वहां इसे बढ़ाकर प्रति व्यक्ति 40 लीटर किया जाना चाहिए. इसके अलावा, पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था और डीबीटी के माध्यम से चारे के लिए आर्थिक सहायता देना भी जरूरी है.
रोहित पवार ने कहा कि केंद्र में इतने ताकतवर गृह मंत्री होने के बावजूद जब लोग तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए सड़कों पर उतरते हैं, तो उन्हें जेल में डाल दिया जाता है. बड़ी संख्या में Police और पैरामिलिट्री को सड़कों पर उतार दिया जाता है. वहीं, Maharashtra में आम नागरिकों, कलाकारों और Political नेताओं पर गोलियां चलाई जाती हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इन गुंडों को केंद्र और राज्य के गृह मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है. अगर ऐसा समर्थन है, तो जिन गुंडों के नाम सामने आते हैं, उन्हें ही सत्ताधारी क्यों न माना जाए. इसके साथ ही रोहित पवार ने संजय राउत के बयान का भी समर्थन किया है.
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ओपी/पीएम
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