रोहिणी आचार्य छपरा से लड़ेंगी चुनाव, जीत दिलाने के लिए पूरा समर्थन देंगे: साधु यादव

Patna, 5 अक्टूबर . रोहिणी आचार्य से मुलाकात के बाद पूर्व सांसद साधु यादव ने उनके Political भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि रोहिणी आचार्य का Political भविष्य है और वह आगामी चुनाव में छपरा से चुनाव लड़ेंगी. साधु यादव ने दावा किया कि इस बार उन्हें पूरा समर्थन मिलेगा और Lok Sabha तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी. पिछली बार कुछ लोगों की वजह से वोटों का बंटवारा हुआ, जिसके चलते रोहिणी को हार का सामना करना पड़ा.

साधु यादव ने से बातचीत में यह स्पष्ट किया कि रोहिणी से उनकी हालिया मुलाकात पूरी तरह पारिवारिक थी. रोहिणी करीब 10-11 महीने बाद सिंगापुर से आई थीं और उन्होंने घर पर खाना खाने की इच्छा जताई थी. इसके बाद वह उनके घर आईं. मुलाकात के दौरान घरेलू बातचीत हुई और कोई Political चर्चा नहीं हुई.

रोहिणी के Political भविष्य पर साधु यादव ने कहा कि उनके पास योग्यता और समझ दोनों हैं. उन्होंने कहा कि रोहिणी पढ़ी-लिखी हैं, डॉक्टर हैं और उनके एक्स पोस्ट भी सुलझे हुए होते हैं. जब वह एक बार चुनाव लड़ चुकी हैं तो अब उन्हें राजनीति से अलग बैठाना उचित नहीं होगा. वह छपरा से चुनाव लड़ेंगी और उन्हें जिताने के लिए पूरी ताकत लगाई जाएगी. साधु यादव ने पिछली हार के लिए पार्टी के कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कुछ लोगों के अलग-अलग चुनाव लड़ने से वोट बंट गए थे और चुनावी प्रबंधन ठीक से नहीं हो पाया. इसी वजह से रोहिणी को करीब आठ हजार वोटों से हार मिली. रोहिणी का मनोबल बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी तरफ से चुनाव क्षेत्र से जुड़ी किसी भी तरह की मदद करने के लिए तैयार हैं.

राष्ट्रीय जनता दल को लेकर साधु यादव ने अपने पुराने Political योगदान का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राजद को बनाने में उनका भी योगदान रहा है और यह पार्टी उनके लिए खून-पसीने से सींची हुई है. उन्होंने पुराने Political घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के गठन के दौर में उन्होंने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. साधु यादव ने कहा कि बाद में कुछ लोगों की शिकायतों और अंदरूनी राजनीति के कारण परिवार और पार्टी दोनों में विवाद बढ़े. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों का उद्देश्य परिवार को कमजोर करना था और वे इसमें कामयाब भी हुए. अब वह नहीं चाहते कि परिवार में किसी तरह का विवाद हो. सभी को एकजुट होकर आगे की Political चुनौती का सामना करना चाहिए.

तेजस्वी यादव के साथ अपने रिश्ते और उनके Political भविष्य पर साधु यादव ने कहा कि वह चाहते हैं कि तेजस्वी आगे बढ़ें और Chief Minister ही नहीं, बल्कि Prime Minister तक बनें. हालांकि, उन्होंने उनके आसपास मौजूद सलाहकारों और बाहरी लोगों को लेकर चिंता जताई. पूर्व सांसद ने कहा कि तेजस्वी को बिहार के लोगों के साथ रहकर काम करना चाहिए. अगर कोई बिहार की राजनीति में आगे बढ़ना चाहता है तो बिहार के लोगों की समझ और अनुभव को महत्व देना होगा. देश की राजनीति के लिए अलग-अलग राज्यों के समर्थन की जरूरत होती है, लेकिन बिहार के Chief Minister बनने की लड़ाई में बिहार के लोगों की भूमिका सबसे अहम है. उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ बाहरी तत्व परिवार में विवाद पैदा कर रहे हैं. उन्होंने सलाह दी कि ऐसे लोगों से दूरी बनाकर बिहार के लोगों के साथ काम करना चाहिए.

तेजस्वी यादव के सलाहकारों, खासकर संजय यादव को लेकर साधु यादव ने कहा कि उन्हें कुछ लोगों की भूमिका पसंद नहीं है. उन्होंने कहा कि वह झूठ बोलना नहीं जानते और जो सही लगता है, वही कहते हैं. तेजस्वी मेरे भांजे हैं और मैं चाहते हैं कि वह शिखर तक पहुंचें. लेकिन, इसके लिए सही रास्ता और सही लोगों की जरूरत है. तेजस्वी के Political सफर में बिहार के लोगों का योगदान और भरोसा महत्वपूर्ण होना चाहिए. उन्होंने परिवार के सदस्यों को एक-एक करके अलग किए जाने पर भी चिंता जताई. साधु यादव ने कहा कि अगर किसी पेड़ की डालियां लगातार काटी जाएंगी तो आखिरकार पेड़ ठूंठ हो जाएगा. परिवार को कमजोर करने की कोशिशों से बचना चाहिए.

रोहिणी आचार्य के पुराने social media पोस्ट और परिवार में हुए विवाद के सवाल पर साधु यादव ने कहा कि उस घटना को बार-बार दोहराना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि करीब 10-11 महीने पुरानी बातों को छोड़कर अब आगे बढ़ने की जरूरत है. साधु यादव ने कहा कि रोहिणी ने अपने पिता को जीवनदान देने में योगदान दिया है और उनके इस योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. ऐसे योगदान के सम्मान की जिम्मेदारी परिवार और बिहार के लोगों की भी है.

तेजस्वी यादव से मुलाकात नहीं होने और रोहिणी से लगातार संपर्क के सवाल पर साधु यादव ने कहा कि तेजस्वी से उनकी मुलाकात विधानसभा में हुई है. तेजस्वी वहां आए, प्रणाम किया और आशीर्वाद लिया. हालांकि, उस समय परिस्थितियां ऐसी थीं कि ज्यादा बातचीत नहीं हो सकी. लालू प्रसाद यादव की तबीयत खराब होने पर वह उनसे मिलने के लिए उपलब्ध रहते हैं. दिल्ली का एम्स हो या Patna का अस्पताल, जरूरत पड़ने पर वह मिलने पहुंचते हैं.

तेज प्रताप यादव के राजनीति छोड़ने से जुड़े सवाल पर साधु यादव ने इससे इनकार किया. उन्होंने कहा कि किसी कार्यक्रम या रियलिटी शो में हिस्सा लेने का मतलब राजनीति छोड़ना नहीं होता. कई नेता ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे हैं. तेज प्रताप के बारे में भी बीती बातों को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है. उनका जोर परिवार को एकजुट रखने और Political रूप से आगे बढ़ने पर है. उन्होंने एक बार फिर कहा कि रोहिणी आचार्य का उनके घर आना पूरी तरह पारिवारिक मुलाकात थी. उन्होंने कहा कि वह माता-पिता से मिलने आई हैं, उनका घर है और वह जितने दिन चाहें, रह सकती हैं.

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