
New Delhi, 22 सितंबर . India ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच 2 अनाधिकारिक टेस्ट और 3 अनाधिकारिक वनडे मैचों की सीरीज की शुरुआत Tuesday से हो रही है. सभी मैच पुडुचेरी में खेले जाएंगे. विकेटकीपर बल्लेबाज एन जगदीसन अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज का हिस्सा हैं. जगदीसन ने कहा है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने उनके खेल में बहुत योगदान दिया है और पिछले तीन वर्षों में उनके क्रिकेट में हुए सुधार का श्रेय उन्हें जाता है.
के साथ खास बातचीत में जगदीसन ने कहा, “मैं पिछले 3 साल से रॉबिन उथप्पा के साथ काम कर रहा हूं. वह मानसिक और तकनीकी तौर पर मेरे लिए एक पिलर रहे हैं. वह मेरे लिए बहुत कुछ है. वह मेरे लिए परिवार हैं और हम बहुत करीब हैं. चाहे कुछ भी हो, यह सिर्फ क्रिकेट नहीं है. लेकिन अगर मेरी जिंदगी में भी कुछ है, तो मैं पक्का उनके पास जाऊंगा. पिछले 3 सालों से हम ऐसे ही हैं. जिस तरह से हम साथ रहे, वह सच में मजेदार है.”
उन्होंने कहा, “मुझे आज भी याद है जब उन्होंने मुझे पहली बार फोन किया था. हमने सीएसके में अपना पूरा समय एक ही ड्रेसिंग रूम में साथ बिताया. एक बार जब उन्होंने सीएसके छोड़ दिया और मैं भी सीएसके से बाहर हो गया, मेरे और रॉबिन के बीच एक बड़ा गैप आ गया. सीएसके के लिए खेलते समय, उन्होंने मुझे मेरे बैटिंग स्टांस और दूसरी चीजों के बारे में कुछ बताया था. यह बॉडी के भार को संतुलित करने और दूसरी चीजों के बारे में था. उनकी सुझाव का फायदा मुझे अगले विजय हजारे सीजन में मिला.”
जगदीसन ने कहा, “अगले विजय हजारे सीजन में, मैंने 5 शतक के साथ लगभग 830 रन बनाए. जैसे ही मैंने अपना 5वां शतक बनाया, रॉबिन ने मुझे फोन किया और कहा, ‘दोस्त, क्या हो रहा है? तुमने अपनी बैटिंग के साथ क्या कर लिया है?’ मैं हैरान रह गया. जाहिर है, उनके जैसे बड़े आदमी ने मुझे उस समय क्यों फोन किया? यह सिर्फ उनके अच्छे दिल की वजह से था कि उन्होंने मुझे फोन किया. वह बोले, ‘तुम उस समय क्या कर रहे थे और क्या सोच रहे थे? मैं उन्हें बता रहा था कि उन्होंने मुझे वजन के ट्रांसफर के बारे में क्या बताया था और मैं पिछले एक साल से उसे फॉलो कर रहा था और इससे मुझे सच में मदद मिली.’”
उन्होंने कहा, “हमारी बातचीत खत्म हो गई और दो साल बीत गए. मुझे लगा कि अगर मुझे इंडिया के लिए खेलना है, तो मैं यह पक्का करना चाहता हूं कि मेरे पास कोई ऐसा हो जो इस सफर में मेरा मार्गदर्शन करे. मैं चाहता हूं कि वह व्यक्ति ऐसा हो जो पहले से ही भारतीय टीम का हिस्सा रहा हो. फिर से, अचानक, उन्होंने मुझे फोन किया. उन्होंने मुझे किसी ऐसी चीज के बारे में फोन किया जो क्रिकेट से बिल्कुल अलग थी. हम बस जिंदगी के बारे में बात कर रहे थे. मैंने उनसे पूछा, मैं सच में कोई ऐसा चाहता हूं जो मुझे मेंटर करे. मैं India के लिए खेलना चाहता हूं.”
विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, “मैंने उनसे कहा कि मुझे कोई ऐसा चाहिए जो मुझे मेंटर कर सके. अगले ही दिन उन्होंने मुझे कॉल किया और अगले एक सप्ताह तक हम लगातार कॉल पर थे. पिछले तीन साल मेरे लिए रॉबिन के साथ मेरी जिंदगी में आशीर्वाद की तरह रहे हैं. उन्होंने मुझे पूरी तरह से एक अलग इंसान बना दिया है.”
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पीएके
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