
New Delhi, 22 अक्टूबर . कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और कलाकार रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी को लेकर शुरू हुए विवाद ने Political रंग ले लिया है. शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने रेहान वाड्रा का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज वाली तस्वीरों को हटाने से इनकार कर उन्होंने साहस का परिचय दिया है.
आदित्य ठाकरे ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “शाबाश रेहान वाड्रा. ऐसे शासन का सामना करते हुए जो बिना किसी विवरण वाली तस्वीरों से भी डरता है, राष्ट्रीय ध्वज के समर्थन में खड़े रहने और तिरंगे वाली तस्वीरें न हटाने के लिए आपको बधाई.”
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी स्थल के प्रबंधन को यह सोचना चाहिए कि क्या वह वास्तव में भारतीय है. उनके अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीरों को हटाना एक राष्ट्रविरोधी कृत्य है.
आदित्य ठाकरे ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “जब लोकतंत्र को फिर से स्थापित किया जाएगा, तब इस राष्ट्रविरोधी कार्य के लिए प्रबंधन को भारतीय संस्करण के नूर्नबर्ग ट्रायल का सामना करना चाहिए.” दरअसल नूर्नबर्ग ट्रायल वह ऐतिहासिक अदालत थी, जिसने नाजी जर्मनी के शीर्ष नेताओं पर युद्ध अपराध और आक्रामक युद्ध छेड़ने के आरोपों की सुनवाई की गई थी.
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपने बेटे रेहान वाड्रा के समर्थन में एक्स पर भावनात्मक संदेश साझा किया. इसी पर आदित्य ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी है.
प्रियंका गांधी वाड्रा ने लिखा कि जब सत्ता में बैठा व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह यह नहीं समझता कि वह जिस शक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा है, उसे पहले ही खो चुका है.”
प्रियंका ने कहा, “सच के साथ खड़े रहो और हर खूबसूरत चीज तुम्हारे पास अपना रास्ता तलाश लेगी. मुझे तुम पर गर्व है और हमेशा रहेगा.”
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी एकल फोटो प्रदर्शनी “नो आइडिया इज फाइनल” से 70 से अधिक तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया.
से बातचीत में रेहान वाड्रा ने कहा कि उन्होंने बीकानेर हाउस की Political सामग्री संबंधी नीति का पालन करते हुए ही तस्वीरों का चयन किया था. उनके अनुसार, प्रदर्शनी में कोई Political नारे नहीं थे और Political नेताओं की तस्वीरें भी बहुत कम थीं.
रेहान वाड्रा ने कहा कि शुरुआत में उन्हें कुछ तस्वीरें हटाने के लिए कहा गया था और उन्होंने सहयोग की इच्छा भी जताई थी. उन्होंने सुझाव दिया था कि यदि कोई आपत्ति है तो चार या पांच तस्वीरें हटाई जा सकती हैं, लेकिन इसके लिए कारण बताया जाए. उनका आरोप है कि उन्हें कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया और बाद में पूरी प्रदर्शनी से 70 तस्वीरें हटाने के लिए कहा गया.
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एएमटी/
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