
हैदराबाद, 20 अक्टूबर . एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने Tuesday को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद के मामले में दखल देने का आग्रह किया.
हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने social media पर एक पोस्ट में कहा कि इस मामले में रिजिजू के तत्काल दखल की जरूरत है.
ओवैसी ने बताया कि 1977 से ही यह मस्जिद एक वक्फ संपत्ति है, फिर भी वक्फ बोर्ड ने इसके गिराए जाने के आदेश को चुनौती नहीं दी. साथ ही, उन्होंने इस मुद्दे को सुलझाने की कोई कोशिश भी नहीं की.
उन्होंने कहा, “वक्फ संशोधन अधिनियम भी मस्जिद की सुरक्षा करता है, क्योंकि यह ‘उपयोग के आधार पर वक्फ’ है. अतीत में पंजीकृत ऐसी सभी संपत्तियां सुरक्षित हैं. फिर भी, कोई प्रयास नहीं किया गया.”
उन्होंने आगे कहा, “2023 से दिल्ली वक्फ बोर्ड का गठन नहीं हुआ है, इसलिए इस मामले को सुलझाना मंत्री की जिम्मेदारी है. हालांकि, बोर्ड के सीईओ भी इसमें हस्तक्षेप कर सकते थे, लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ.”
इससे पहले एक पोस्ट में, उन्होंने रेस कोर्स के पास स्थित ऐतिहासिक मस्जिद ‘हुजरा कुआं’ को गिराने की कोशिश की कड़ी निंदा की थी.
उन्होंने बताया कि लोगों को इस मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा रहा है, जबकि 1977 के गजट में इसका विधिवत उल्लेख है और इसकी देखभाल करने वाले को मस्जिद गिराने की धमकी दी गई है, जबकि इस संबंध में कोई औपचारिक नोटिस भी जारी नहीं किया गया है.
सांसद ने कहा, “मुसलमानों के इबादतगाहों को निशाना क्यों बनाया जा रहा है? वक्फ संशोधन अधिनियम और धार्मिक स्थल अधिनियम के दुरुपयोग को लेकर हमारी आशंकाएं सच होती दिख रही हैं. Government को इन गैरकानूनी धमकियों को वापस लेना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि मस्जिद के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.”
लगभग 40 वर्षों से मस्जिद से जुड़े मोहम्मद हारून ने social media पर वायरल एक वीडियो में बताया कि अधिकारियों ने उनसे छह दिनों के भीतर जगह खाली करने को कहा है. मस्जिद की बिजली और पानी की सप्लाई काट दी गई है और ‘लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस’ (एलएनडीओ) ने सभी गेट बंद कर दिए हैं.
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक प्रतिनिधिमंडल ने किरेन रिजिजू से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा. इसमें मस्जिद और सफदरजंग मकबरे के पीछे स्थित कब्रिस्तान को बचाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है.
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एएसएच/एबीएम
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