
New Delhi, 21 अक्टूबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने Wednesday को विपक्ष पर ‘रेजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन के नैरेटिव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. भाजपा ने दावा किया कि इस अभियान के पीछे कुछ अज्ञात और संदिग्ध विदेशी ताकतें हैं, जो India में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही हैं.
भाजपा की यह प्रतिक्रिया विपक्ष के कई नेताओं, खासकर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की ओर से ‘रेजीम चेंज’ के मुद्दे को उठाने और इसे अपरिहार्य बताने के बाद आई है. इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष के बीच Political टकराव तेज हो गया है. दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में India वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, लेकिन कुछ ताकतें देश की इस प्रगति से खुश नहीं हैं.
उन्होंने कहा, “Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में India लगातार प्रगति कर रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है. कुछ ताकतें इस विकास से खुश नहीं हैं. ये ताकतें देश के भीतर और बाहर दोनों जगह मौजूद हैं और इनके बीच स्पष्ट गठजोड़ दिखाई देता है. यूरोप में हो रहे प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि इन घटनाक्रमों से तस्वीर भारतीय नागरिकों के सामने और स्पष्ट हो रही है.
BJP MP ने विजयादशमी के अवसर पर Prime Minister मोदी के संबोधन का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि Prime Minister ने भ्रष्टाचार, समाज में विभाजन और भारतीय संस्कृति एवं धर्म के विरोध के जरिए देश को अस्थिर करने की कोशिश करने वाली ताकतों के प्रति आगाह किया था. त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें सत्ता में आने के बाद लूट, समाज में विभाजन और भारतीय संस्कृति व धर्म के विरोध की राजनीति करती हैं. उन्होंने सनातन धर्म को समाप्त करने की मांग वाले सम्मेलनों, हिंदुत्व को खत्म करने के अभियानों और भारतीय संस्थानों के बारे में भ्रामक नैरेटिव फैलाने का भी आरोप लगाया.
भाजपा प्रवक्ता ने त्योहारों के मौसम में हो रहे प्रदर्शनों के कारण कारोबारियों और व्यापारियों को कथित तौर पर हो रहे आर्थिक नुकसान पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि त्योहारों का समय आमतौर पर व्यापार और मुनाफे के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है, लेकिन कुछ ताकतें India को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहतीं.
त्रिवेदी ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण के दस सिर थे और एक सिर काटने पर दूसरा सामने आ जाता था. उन्होंने कहा कि इसी तरह कुछ आंदोलनों में एक मांग पूरी होने के बाद दूसरी मांग सामने आ जाती है. उनके मुताबिक, इन आंदोलनों के पीछे के मूल कारणों और उनमें बार-बार इस्तेमाल होने वाले शब्दों तथा नारों को समझने की जरूरत है.
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें अलग-अलग रूपों में सामने आकर अपने वास्तविक इरादों को छिपाती हैं. रावण के साधु का वेश धारण कर सीता का अपहरण करने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इन ताकतों के कथित उद्देश्यों को पहचानना जरूरी है.
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि इन ताकतों का उद्देश्य अलग-अलग मांगों को पूरा कराना नहीं, बल्कि हिंसक संघर्ष और साजिश के जरिए Government को गिराना है. उन्होंने कहा कि इस तरह की कोशिशों का मकसद India की प्रगति को बाधित करना और समाज में विभाजन पैदा करना है.
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए BJP MP ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की विरासत का दावा करने वाले नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे उन ताकतों के साथ कैसे खड़े हैं, जो उनके आरोपों के मुताबिक धर्म और संस्कृति को कमजोर करना चाहती हैं. त्रिवेदी ने कांग्रेस से भी सवाल किया कि संजय राउत के पास राहुल गांधी के बारे में ऐसी कौन-सी जानकारी है, जिससे कांग्रेस के नेता भी अनजान हैं. उन्होंने विदेश यात्राओं के बाद Political बदलावों की भविष्यवाणी करने वाले बयानों पर भी सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि कभी विदेश से लौटने के बाद ‘हाइड्रोजन बम’ गिराने की बात कही जाती है, तो कभी ‘सुनामी’ आने की भविष्यवाणी की जाती है. अब संजय राउत के बयानों के संदर्भ में भी ऐसे कथित घटनाक्रमों के पीछे अज्ञात और संदिग्ध विदेशी ताकतों की भूमिका होने का दावा किया जा रहा है.
BJP MP ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व वाली Government को जनता का समर्थन प्राप्त है और सत्ता परिवर्तन की कथित साजिशें सफल नहीं होंगी. उन्होंने कहा, “रेजीम चेंज का सपना 140 करोड़ देशभक्त भारतीयों के दृढ़ संकल्प से टकराकर चकनाचूर हो जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे पत्थर से टकराकर कांच टूट जाता है.” त्रिवेदी ने कांग्रेस से इन बयानों और कथित विदेशी संपर्कों को लेकर जवाब देने की मांग की. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेशी ताकतों की कथित संलिप्तता के आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया गया.
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डीएससी
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