रिया खानोलकर की युवाओं से अपील, 10 अक्टूबर के सीजेपी प्रदर्शन में न हों शामिल

Mumbai , 6 अक्टूबर . social media इन्फ्लुएंसर रिया खानोलकर ने 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी प्रोटेस्ट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को Mumbai में ही युवाओं ने इन्हें करारा जवाब दे दिया था, इसके बावजूद दोबारा प्रोटेस्ट करना बड़ी गलती होगी. रिया ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन की आड़ में Prime Minister, हिंदू देवी-देवताओं और देश विरोधी एजेंडा परोसा जा रहा है, जिसे जागरूक Mumbai कर और जेन-जी कभी समर्थन नहीं देंगे.

रिया खानोलकर ने 10 अक्टूबर को होने वाले सीजेपी प्रोटेस्ट को लेकर कहा, “जब वो 2 अक्टूबर को Mumbai आए थे, तो उन्हें लोगों से ही नहीं, युवाओं से भी जवाब मिल गया था कि आपको यहां आने का कोई हक नहीं है. यह एक शांतिपूर्ण जगह है और आप आकर लोगों को परेशान करते हो, चार घंटे तक लोगों को शामिल कर प्रोटेस्ट करते हो, तो ये बहुत ही शर्मनाक बात थी और उन्हें जवाब दे दिया गया. अगर फिर भी उनमें इतनी हिम्मत है कि 10 अक्टूबर को वे प्रोटेस्ट करने के लिए आ रहे हैं, तो ये बहुत बड़ी गलती है.”

उन्होंने कहा कि जो Mumbai के जागरूक लोग हैं, उन्होंने स्पष्ट तौर पर जवाब दे दिया है कि यहां पर आपको कोई समर्थन नहीं मिलेगा. इसलिए 10 अक्टूबर को ये जो भी कर रहे हैं, वो थोड़ा सोच समझकर करें. छात्र आंदोलन तक बात ठीक थी, लेकिन अगर आप छात्र से लेकर ईसीई, एसआईआर के मुद्दों को लाकर फिर वहां पर Prime Minister हों या हिंदू- देवी-देवता और देश विरोधी चीजें लाते हैं तो बहुत ही गलत है. जेन-जी देश का समर्थन करते हैं, हम देश को आगे ले जाने वाले लोग हैं और हम इसका बिल्कुल भी समर्थन नहीं करते हैं.

इन्फ्लुएंसर रिया ने जेन-जी से अपील करते हुए कहा कि प्लीज आप social media से न्यूज कंज्यूम मत कीजिए. युवा वर्ग social media पर काफी एक्टिव है. वो रील्स देखकर अपना पूरा विचार बनाते हैं. ये बहुत गलत चीज है. आप थोड़ा रिसर्च कीजिए कि आप जिन्हें देख रहे हैं, वो कहां से आते हैं, कौन सी Political दलों का उन्हें समर्थन प्राप्त है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी के आशुतोष रांका का Pakistanी नेता के साथ कनेक्शन है.

उन्होंने कहा कि ऐसी कई चीजें हैं, जो लोगों को पता नहीं है. ऐसे जो लोग हैं, जिनका अलग-अलग एसोसिएशन के साथ बैकअप है. इस वजह से ये लोग इन चीजों को आगे लेकर जा रहे हैं. उनका कोई मकसद नहीं है कि स्टूडेंट्स की समस्या को आगे लाएं या पारदर्शिता आए. उनका मकसद सबको दिख रहा है, जो कि देश में अस्थिरता लाना या नेपाल जैसी स्थिति पैदा करना है, ताकि युवाओं का ब्रेनवॉश किया जा सके.

इन्फ्लुएंसर रिया ने कहा कि विपक्ष भी इसलिए इनका साथ दे रही है, क्योंकि इन्हें लगता है कि ये सीजेपी और युवाओं को टूलकिट की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. अब साफ हो गया है कि ये छात्रों के लिए नहीं है. इसलिए मैं युवाओं और जेन-जी से यही कहूंगी कि सोच-समझकर वहां जाइए.

उन्होंने कहा कि इनकी सेलेक्टिव आउटरेज सामने आ रही है. इन्होंने शुरुआत में कहा था कि इनका मंच उन सभी लोगों के लिए है, जो Government से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं लेकिन ये मंच पर विशाल ददलानी को बुलाते हैं, जो लगातार देश विरोधी टिप्पणी कर रहे होते हैं. शबाना आजमी को बुलाते हैं, जिनका खुद एक अंतरराष्ट्रीय संगठन से संपर्क है, जो एफसीआरए को लेकर Government के विरोध में बोलती हैं. स्वरा जैसे लोगों को स्टेज दे रहे हैं. आप मंच पर उमर खालिद के नारे लगा रहे हैं. आप देश विरोधी लोगों को, विपक्षी दलों को मंच पर जगह दे रहे थे. इससे स्पष्ट हो गया कि ये छात्र आंदोलन नहीं था.

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