
New Delhi, 2 सितंबर . भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर राहुल सांघवी का अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन एक कोच के तौर पर उन्होंने एक लंबी और सफल पारी खेली है.
राहुल सांघवी का जन्म 3 सितंबर 1974 को सूरत, Gujarat में हुआ था. बचपन से क्रिकेट में गहरी दिलचस्पी रखने वाले सांघवी बाएं हाथ के कलाई के स्पिन गेंदबाज के रूप में उभरे. दिल्ली से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले सांघवी ने 24 साल की उम्र में 1998 में वनडे फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था.
उस दौर में स्पिनर के रूप में अनिल कुंबले के रूप में एक बड़ा नाम पहले से ही भारतीय टीम में स्थापित था और हरभजन सिंह तेजी से अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे. ऐसे में राहुल के लिए टीम इंडिया में जगह बनाना बहुत मुश्किल था. उन्हें पर्याप्त मौका नहीं मिल सका. 1998 में 10 वनडे और 2001 में अपना एकमात्र टेस्ट खेलने वाले सांघवी ने टेस्ट में 2 और वनडे में 10 विकेट लिए.
हालांकि, उनका घरेलू करियर लंबा और शानदार रहा. दिल्ली के अलावा वह नॉर्थ जोन और रेलवे के लिए भी खेले. 95 प्रथम श्रेणी मैचों में 271 और 68 लिस्ट ए मैचों में 97 विकेट उन्होंने लिए. 1997-98 में दिल्ली की तरफ से लिस्ट ए मैच में हिमाचल के खिलाफ उन्होंने 15 रन देकर 8 विकेट लिए थे. यह लिस्ट ए क्रिकेट का विश्व रिकॉर्ड था. 2018-19 में इस रिकॉर्ड को शहबाज नदीम ने तोड़ा था. शहबाज ने Rajasthan के खिलाफ 10 रन देकर 8 विकेट लिए थे. राहुल ने 2006 में दिल्ली के लिए अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच खेला था.
राहुल सांघवी ने संन्यास के बाद कोचिंग क्षेत्र में किस्मत आजमाने का फैसला लिया, जहां उन्हें अच्छी सफलता मिली. वह आईपीएल में 2008 से ही Mumbai इंडियंस से जुड़े हैं. सांघवी फ्रेंचाइजी की दूसरी टीमों (एमआई केपटाउन, एमआई एमिरेट्स, एमआई न्यूयॉर्क और महिला टीम) को भी देखते हैं. फ्रेंचाइजी के युवा गेंदबाजों को निखारने में उनका अहम रोल रहा है. राहुल ने एमआई फ्रेंचाइजी को आईपीएल और दुनिया की अन्य लीगों में सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाई है.
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पीएके
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