
मथुरा, 4 सितंबर . कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने Friday को Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान ‘मनुस्मृति’ का जिक्र करके राहुल गांधी ने सनातन धर्म को ‘निशाना बनाया और उसका अपमान किया.
से खास बातचीत में धार्मिक वक्ता ने जन्माष्टमी की बधाई दी. उन्होंने कहा कि त्योहार का मतलब तो नहीं बदला है, लेकिन समय के साथ इसे मनाने का तरीका बदल गया है. अब जिसे भी समय मिलता है, वह अपने तरीके से जश्न में शामिल हो जाता है.
मनुस्मृति पर राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, “अगर आप मनुस्मृति को नहीं समझते हैं, तो आप इसमें क्यों पड़ रहे हैं? अगर आप इसका अध्ययन करेंगे तो आपको धर्म का ज्ञान होगा.”
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कहा, क्या राहुल गांधी ने कभी तीन तलाक के बारे में बात की? क्या उन्होंने कभी बुर्का या हलाला के बारे में बात की? क्या हलाला और तीन तलाक महिलाओं के सम्मान के लिए हैं? वह इनमें से किसी भी मुद्दे पर बात नहीं करते. वह सिर्फ सनातन को निशाना बनाते हैं और सनातन का अपमान करते रहते हैं.”
उन्होंने राहुल गांधी से मनुस्मृति पढ़ने का आग्रह किया और कहा कि प्राचीन हिंदू ग्रंथ में ही महिलाओं का सम्मान करने की बात कही गई है.
अनिरुद्धाचार्य ने कहा, “राहुल गांधी का सनातन से कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए वह इसे निशाना बनाएंगे और इसका अपमान करेंगे, जबकि सनातन धर्म में ही महिलाओं को ‘देवी’ का दर्जा दिया गया है. क्या किसी अन्य धर्म में महिलाओं की इस तरह पूजा की जाती है? किसी को राहुल गांधी को यह समझाना चाहिए.”
जब उनसे राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के तौर पर एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बारे में पूछा गया तो धार्मिक वक्ता ने कहा, “यह अच्छी बात है. अब जब उन्हें जिम्मेदारी दी गई है, तो वह ईमानदारी से काम करेंगे. भगवान से मेरी यही उम्मीद और प्रार्थना है कि वे सभी (नए ट्रस्टी) ईमानदारी से काम करें.”
आरक्षण को लेकर चल रहे विवाद पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि इस व्यवस्था को खत्म नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसे गरीबों को दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, “जब तक किसी व्यक्ति को जरूरत हो, उसे मदद दी जानी चाहिए. पढ़ाई-लिखाई करने, कमाने और मंत्री बनने के बाद उन्हें उस मदद की जरूरत नहीं रहती. अब यह मदद गरीबों को दी जानी चाहिए. जो लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं, उन्हें मदद दी जानी चाहिए क्योंकि उन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है.”
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एससीएच/
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