राहुल गांधी सत्ता के लिए बेताब, इंडिया ब्लॉक के पास नहीं कोई मुद्दाः एनडीए

New Delhi, 12 अक्टूबर . मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के Supreme Court तक मार्च और विरोध प्रदर्शन पर भाजपा और एनडीए सहयोगियों ने जोरदार पलटवार किया है. यूपी के मंत्री जयवीर सिंह ने राहुल गांधी को सत्ता के लिए बेताब बताया, वहीं भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने गांधी परिवार पर लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया.

उत्तर प्रदेश के मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “राहुल सत्ता में आने के लिए बेताब हैं. उन्हें बहुत जल्दी है. हमारा कहना है कि देश की सेवा करें, गरीबों की सेवा करें. अगर आप देश की सेवा करेंगे, तो आज नहीं तो कल, देश की जनता का मूड थोड़ा बदल सकता है और जनादेश आपके पक्ष में आ सकता है. उन्हें ऐसा काम करना चाहिए, लेकिन उन्हें इतनी जल्दी है कि देश उन्हें नकार रहा है, और वे जबरदस्ती सत्ता हासिल करने, सत्ता पर कब्जा करने और Government को हटाने के लिए बेचैन हैं. लंबे समय से देश की जनता का आशीर्वाद पीएम मोदी और सीएम योगी के साथ है.”

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन के Supreme Court तक मार्च करने पर भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, “इससे पता चलता है कि ये लोग किसी को गंभीरता से नहीं लेते और किसी भी संस्था का सम्मान नहीं करते, चाहे वह Supreme Court हो, चुनाव आयोग हो, आरबीआई हो या सेना. अगर कोई परिवार India के लोकतंत्र पर सबसे बड़ा कलंक बनकर उभरा है, तो वह यही परिवार है. कल हमने टीवी पर सब कुछ देखा. प्रियंका गांधी एक Police अधिकारी को कोहनी मार रही थीं, जबकि राहुल गांधी एक Police अधिकारी को गलत तरीके से छू रहे थे और एक महिला पत्रकार को धक्का दे रहे थे. इन लोगों में संवेदना की कमी है और ये बाकी सभी को खुद से कमतर समझते हैं, मानो सिर्फ वे ही इंसान हों. इस परिवार का अहंकार और घमंड बेमिसाल है.”

इंडिया ब्लॉक के मार्च पर हर्षवर्धन सिंह ने कहा, “इंडिया ब्लॉक के नेताओं के पास कोई काम नहीं बचा है. अभी कुछ जगहों पर चुनाव हैं, तो ये सभी सक्रिय हुए हैं. भाजपा और एनडीए के लोग जनता के बीच जाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं, जबकि विपक्षी दिल्ली में धरना दे रहे हैं. जब विपक्षी चुनाव हार जाएंगे, तो चुनाव आयोग, शासन, सीबीआई और ईडी पर आरोप लगाएंगे. इंडिया ब्लॉक के लोगों को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने की जगह जनता के पास जाएँ और जागरूक करें.”

जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव हर्षवर्धन सिंह ने सीजेपी सदस्यों के पार्टी कार्यालय परिसर में प्रवेश करने और जंतर-मंतर पर इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन पर कहा, “काफी समय से हमारे जनता दल (यूनाइटेड) के ऑफिस का एक गेट प्रदर्शनकारियों ने ब्लॉक कर रखा है. हमने कभी इसका विरोध नहीं किया. आप दिन भर शोर-शराबा और हंगामा करते हैं, जिससे हमें ऑफिस में ठीक से काम करने में दिक्कत होती है. परेशानी तो होती है, लेकिन हमने कभी इसका विरोध नहीं किया, क्योंकि यह Government का फैसला है और आप विरोध करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आप गैरकानूनी तरीके से मेरे ऑफिस परिसर में घुसें और दूसरी तरफ चले जाएँ. यह सही तरीका नहीं है और आपकी नासमझी दिखाता है. पहले अपनी पार्टी में समझदारी लाएँ और अपने लोगों को समझाएं.”

अयोध्या में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने कहा, “राहुल गांधी को Political रूप से कौन सलाह देता है? इस उम्र में भी अगर उन्हें इस तरह की समझ नहीं है, तो यह हैरानी की बात है. देश में 1952 से लेकर आज तक चुनाव होते आए हैं. वह एक दौर था, जब हम रेडियो पर चुनावों की खबरें सुनते थे और टीवी पर देखते थे कि कितनी हिंसा होती थी. आज चुनाव एक व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से होते हैं. चुनाव आयोग वोटर लिस्ट प्रकाशित करने से पहले बूथ पर कैंप लगाता है और सभी Political दलों को बुलाता है. सभी Political दल इसमें हिस्सा लेते हैं. कांग्रेस ने इतने वर्षों तक आपत्ति क्यों नहीं जताई?”

उन्होंने कहा, “2014 से लेकर आज तक क्या रिकॉर्ड में ऐसा कोई मामला है, जिसमें कांग्रेस के किसी व्यक्ति ने चुनाव आयोग के सामने आपत्ति दर्ज कराई हो, पोलिंग बूथ पर गया हो या चुनाव आयोग की बैठक में हिस्सा लिया हो? यह केवल झूठा नैरेटिव गढ़ने का प्रयास है. Supreme Court के वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा है कि इस तरह के आंदोलन खड़े करने की कोशिशों के पीछे विदेशी फंडिंग हो रही है. यह मैं नहीं कह रहा हूँ, बल्कि उन्होंने कहा है. वह एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं. इसका संकेत तब भी दिखाई दिया, जब संसद में विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) से जुड़ा विधेयक लाने की कोशिश की गई.”

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ओपी/एएस