‘राहुल गांधी ने बिहार में भी एसआईआर का विरोध किया, क्या नतीजा निकला?’ उपेंद्र कुशवाहा का तंज

Patna, 2 सितंबर . Lok Sabha में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने Maharashtra और पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए एक बार फिर एसआईआर का जिक्र कर ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि ‘वोट चोरी’ से बनी Government के लिए जनता जरूरी नहीं है. यही कारण है कि भाजपा न तो जनता की सुनती है और न ही उसके आदेश का पालन करती है.

राहुल गांधी के बयान पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने बिहार में एसआईआर का विरोध किया, लेकिन क्या नतीजा निकला? Maharashtra में भी उनकी बातों को जनता ने गंभीरता से नहीं लिया.

बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ना निश्चित रूप से चिंता का विषय है, लेकिन राज्य Government स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय है. Government हर संभव तरीके से इससे निपटने की कोशिश कर रही है.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों को लेकर पूछे गए सवाल पर कुशवाहा ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है. इस तरह के मुद्दे पहले भी कई बार उठाए जा चुके हैं. जितने ज्यादा लोग यह बात कहेंगे, एनडीए के वोट उतने ही बढ़ेंगे. लोग ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देने वाले हैं. उन्हें जनता के मौलिक सवालों, किसानों और युवाओं की बात उठानी चाहिए.

कुशवाहा ने कहा कि आरक्षण की हर 10 वर्ष में समीक्षा का प्रावधान है. उन्होंने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी से आपस में नहीं उलझने की अपील की. उन्होंने कहा कि हम चिराग पासवान से सहमत हैं.

दूसरी ओर, पूर्व Union Minister पशुपति कुमार पारस ने Union Minister चिराग पासवान को मिली धमकी पर कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. चिराग पासवान केंद्र Government में मंत्री हैं और दलित समाज के प्रमुख नेताओं में से एक हैं. चिराग पासवान आरक्षण के पक्षधर हैं. बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के तहत आरक्षण की व्यवस्था की गई है.

पूर्व Union Minister रामविलास पासवान का जिक्र करते हुए पशुपति कुमार पारस ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आरक्षण की वकालत की थी. जो कमजोर लोग हैं, उन्हें 15 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए.

डीकेएम/एबीएम