राहुल गांधी डरने वाले नहीं, वह दलितों के सम्मान की लड़ाई लड़ रहे: शक्ति सिंह गोहिल

New Delhi, 31 अगस्त . शुद्धिकरण विवाद मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ First Information Report दर्ज किए जाने और Supreme Court के एक जज की उस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया कि छात्रों को सवाल पूछने से धमकाया नहीं जा सकता. गोहिल ने राहुल गांधी के खिलाफ First Information Report दर्ज किए जाने को लेकर भाजपा पर जुबानी हमला किया. कांग्रेस नेता ने इसे दलितों के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर आवाज उठाने की कार्रवाई बताया.

शक्ति सिंह गोहिल ने से बातचीत में कहा कि इस पूरे मामले में स्थिति ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ जैसी है. उन्होंने भाजपा पर दलित, गरीब और महिला विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया. गोहिल ने सवाल उठाया कि कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर शुद्धिकरण किए जाने की बात सामने आई, जबकि खड़गे दलित समुदाय से आते हैं. दलितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून में ऐसे मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है. गोहिल ने राजीव गांधी Government के समय लाए गए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून की धारा 3 के तहत इस तरह के मामले में First Information Report दर्ज की जानी चाहिए.

गोहिल का आरोप है कि खड़गे के कथित अपमान के खिलाफ राहुल गांधी ने आवाज उठाई, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ ही First Information Report दर्ज कर दी गई. First Information Report दर्ज करके राहुल गांधी को डराया नहीं जा सकता. राहुल गांधी पहले भी कई मामलों का सामना कर चुके हैं और वह न डरेंगे और न झुकेंगे. उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का उदाहरण देते हुए महात्मा गांधी का उल्लेख किया और कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान भी गांधी पर कई मामले दर्ज हुए, लेकिन वे अपने रुख से पीछे नहीं हटे.

Supreme Court के जज की उस टिप्पणी पर कि छात्रों का सवाल पूछना असंवैधानिक नहीं है और उन्हें ऐसा करने से रोका नहीं जाना चाहिए, गोहिल ने अदालत का आभार जताया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद ही यह है कि नागरिक सत्ता से सवाल कर सकें. लोकतांत्रिक व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें Government और सत्ता से सवाल करने का अधिकार लोगों के पास रहता है.

गोहिल ने छात्रों के विरोध और सवाल पूछने के दौरान कथित बल प्रयोग पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि सवाल पूछने वाले छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. उन्होंने छात्रों के साथ कथित तौर पर पैलेट गन, बिजली के झटके वाली लाठियों और दुर्व्यवहार जैसे आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए. उन्होंने Supreme Court के जज की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र में छात्रों समेत हर नागरिक को सवाल पूछने का अधिकार मिलना चाहिए और सत्ता को सवालों का जवाब देना चाहिए.