
New Delhi, 7 अक्टूबर . विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने एसआईआर और वोट चोरी के आरोपों को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लगातार चुनाव हारने से राहुल गांधी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और चुने हुए Prime Minister के खिलाफ बोलना गलत है. संवैधानिक संस्थाओं पर उंगली उठाने से कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होगा. इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने के वादे का स्वागत किया, गरबा में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक को जायज ठहराया और कहा कि एक देश एक चुनाव से विकास कार्यों में तेजी आएगी.
विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “लगातार चुनाव हारने से उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है. देशद्रोह जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना गलत है.”
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एसआईआर गलत है तो क्या केरल में दोबारा चुनाव कराया जाए? तमिलनाडु विधानसभा भंग कर चुनाव कराया जाए? कांग्रेस अध्यक्ष कह रहे हैं, “Lok Sabha भंग करो, विधानसभाएं भंग करो, दोबारा चुनाव करो.” उनके मन में कहीं यह बैठा है कि हम राज परिवार से हैं और India में राज करने का हमारा पुश्तैनी अधिकार है.
उन्होंने आगे कहा कि जनता समझती है कि यह सब नाटक है और इसका नुकसान होगा. संवैधानिक संस्थाओं का निरादर करना और उन पर उंगली उठाना ठीक नहीं है. इससे न तो कम समय के लिए कुछ फायदा होगा, न ही लंबे समय के लिए. कांग्रेसियों को खुद राहुल गांधी के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कुछ प्रयास करने चाहिए.
पश्चिम बंगाल में यूसीसी को लेकर विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि यह बहुत अच्छा कदम है. हमने इसकी मांग की थी और संयोग से विश्व हिंदू परिषद की सभा में बोलते हुए उन्होंने इसका वादा किया है. लालच या धोखे से होने वाला अवैध धर्मांतरण तो बंद होना ही चाहिए. यह कानून आएगा तो देश के लिए अच्छा होगा.
गरबा में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक की तैयारी को लेकर उन्होंने कहा कि मुसलमानों को खुद भी सोचना चाहिए कि वे क्यों आ रहे हैं. काबा उनका पवित्र स्थान है, वहां अन्य धर्मावलंबियों को आने की अनुमति नहीं है. हम इससे सहमत हैं कि अनुमति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वह सैर-सपाटे की जगह नहीं बल्कि धार्मिक स्थान है. गरबा देवी की पूजा का स्थान है, माता की आराधना और श्रद्धा के साथ नृत्य करना एक धार्मिक कार्यक्रम है.
आलोक कुमार ने कहा कि उनको तो इस धर्म में विश्वास नहीं है. अगर मुसलमानों को विश्वास नहीं है तो उन्हें नहीं आना चाहिए. कैसे रोकेंगे? इस पर उन्होंने कहा कि मैं इतना आश्वासन दे सकता हूं कि कानून की मर्यादा में रहकर रोकेंगे. बाकी जो होगा वह आपके भी ध्यान में आएगा.
एक देश एक चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर हमें बोलने की आवश्यकता नहीं है. इसके लिए एक आयोग बना है जो विचार कर रहा है. अभी क्या हो रहा है कि हर साल लगातार चुनाव होते हैं तो आचार संहिता लग जाती है, नई योजनाएं लागू नहीं हो पातीं, और सबका ध्यान चुनाव में लगा रहता है. एक देश एक चुनाव होगा तो इसके बहुत सारे लाभ हैं, और जो आयोग बना है वह इस पर विचार करके अपनी राय देगा.
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डीकेपी
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