राहुल गांधी अराजकता फैलाने वाले टूलकिट का हिस्सा, यूपी में सपा-कांग्रेस की जुगलबंदी पर जनता को भरोसा नहीं: नितिन नवीन

New Delhi, 7 नवंबर . भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने Saturday को के साथ देश और राजनीति से जुड़े कई विषयों पर बातचीत की. इस दौरान भाजपा अध्यक्ष ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ धरना प्रदर्शन, रिजीम चेंज के नारे, कांग्रेस द्वारा देश के संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पार्टी की भूमिका जैसे मुद्दों पर अपनी राय साझा की. नितिन नवीन के साथ बातचीत के इन अंशों को सवाल-जवाब के रूप में पेश करने का प्रयास किया गया है.

सवाल- उत्तर प्रदेश में भाजपा का मुख्य मुकाबला किसके साथ है?

जवाब- गोरखपुर हो, Kanpur हो या उत्तर प्रदेश का कोई भी जिला हो, हर जिले में लोगों के मन में भारतीय जनता पार्टी के प्रति भरोसा है. भाजपा नेतृत्व, Prime Minister Narendra Modi के विजन और Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से केंद्र की योजनाओं को राज्य में लागू किया है, इसको लेकर लोगों में सकारात्मक माहौल है. Chief Minister योगी ने यूपी में जिस तरह से कानून-व्यवस्था पर काम किया है, उसको लोगों के भाजपा और भाजपा Government के प्रति लोगों का भरोसा बना हुआ है. यही कारण है, भाजपा को सड़कों पर भी जनता का वो विश्वास और समर्थन नजर आ रहा है.

सवाल- Samajwadi Party और कांग्रेस के बीच में गठबंधन की चर्चा है, क्या आपको लगता है कि ये गठबंधन भाजपा को मुश्किल में ला सकता है?

जवाब- ये लोग पहले भी एक साथ आए हैं, लेकिन इस जुगलबंदी पर जनता को कोई भरोसा नहीं है. जनता जानती है कि ये दो तथाकथित युवराज केवल अपनी और अपने परिवार की चिंता में हैं. इनको उत्तर प्रदेश की जनता से कोई लेना-देना नहीं है. इन दोनों साहिबजादों को जब मौका मिला भी, तब भी दोनों ने अपनी और अपने परिवारों की चिंता की. यूपी के युवा, किसान, महिलाओं और मजदूर वर्ग को मालूम है कि ये लोग उनके लिए नहीं बल्कि खुद के परिवार के प्रति समर्पित लोग हैं.

सवाल- अभी कुछ दिन पहले अखिलेश यादव आजम खान से मिलने जेल में गए थे. उन्होंने बाहर आकर कहा था कि आजम खान के खिलाफ Government साजिश कर रही है. आजम खान को जबरन जेल में रखा गया है? आपको क्या लगता है कि अखिलेश यादव फिर से आजम खान के करीब क्यों आ रहे हैं?

जवाब- ये वो लोग हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ की पहचान बनाई थी. इन्होंने पूरी तरह से माफिया राज कायम कर दिया था. हर जिले का एक छत्रप होता था, जिस छत्रप के माध्यम से ये सत्ता तक पहुंचते थे. बाद के काल में उत्तर प्रदेश में भाजपा की Government बनी और Chief Minister आदित्यानाथ ने सख्ती से कानून-व्यवस्था को लागू किया और इन माफिया को जेल में डाला, लेकिन इन माफिया के शागिर्द अब भी हैं. अभी भी ये लोग इन माफिया का सहारा लेना चाहते हैं. अभी भी अखिलेश यादव वोट बैंक की राजनीति के चलते इन माफियों का पनाह देने का काम कर रहे हैं लेकिन अब ये उत्तर प्रदेश पहले वाला बीमारू राज्य नहीं है. अब ये उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. अब यहां वन डिस्ट्रिक्ट वन, प्रोडक्ट की बात होती है, वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की नहीं.

सवाल- Government प्रमुख के रूप में Narendra Modi के शासन को 25 साल हो गए हैं. इसको कितनी बड़ी उपलब्धि मानते हैं आप?

जवाब- मैं इन 25 वर्षों को उनके सेवा और समर्पण और तपस्या का समय मानता हूं. जब वो Gujarat के Chief Minister रहे तो उन्होंने Gujarat को विकास का एक नया मॉडल दिया. देश ने भी Gujarat मॉडल के रूप में विकास के उस आयाम को देखा. एक आपदा को भी उन्होंने एक अवसर में कैसे बदला, ये Gujarat के लोगों ने देखा. Gujarat के एक विकसित प्रदेश बनाने में उन्होंने अपनी महती भूमिका निभाई. उन्होंने देश के वाइब्रेंट Gujarat के रूप में देश को विकास का एक नया मॉडल दिया. पिछले 12 सालों में देश के Prime Minister मोदी के नेतृत्व में जो बदलाव देखने को मिला, उसको लोगों ने नजदीक से देखा. आज 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से अगर बाहर आते हैं तो ये Prime Minister मोदी की सबसे बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि अभी तक लोगों ने गरीब हटाओ के नाम पर गरीबों को ही लाइन से हटाया हैसाथ ही साथ देश में विकास केंद्रित राजनीति नहीं थी. मोदी जी ने यह सुनिश्चित करके दिखाया कि प्रो-इनकंबेंसी क्या होता. मोदी जी ने ये करके दिखाया कि अगर Governmentें काम करती है, लोगों के जीवन में बदलाव लाती हैं तो फिर से उनको मौका मिलता है. Prime Minister मोदी के नेतृत्व में पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा. Prime Minister के नेतृत्व में देश ने विकास से जुड़ी राजनीति को देखा है. सबसे बड़ी बात पिछले 12 सालों में देश का एक-एक नागरिक अपने-अपने को भारतीय होने पर गौरवान्वित महसूस करता है. पहले इसी देश में जैसे पहले हमारे सैनिकों के सिर काट लिए जाते थे और दिल्ली में बैठी Governmentें मौन रही थीं. आज Prime Minister मोदी के नेतृत्व में कोई हमारी तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं करता है. वैश्विक पटल पर आज India की शाख बढ़ी है आज India को ध्यान से सुना जाता है. पहले दिल्ली की Governmentें कहती थीं कि दिल्ली से अगर एक रुपया चलता है तो लोगों तक केवल 15 पैसे पहुंचते हैं, लेकिन आज Prime Minister के नेतृत्व में एक दिल्ली से एक रुपया चलता है तो पूरा का पूरा रुपया गरीब के अकाउंट में आता है. ये बदलाव लोगों के जीवन में आया है.

सवाल- राहुल गांधी जिस तरह से Government के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और नेपाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा हो रही है और रिजीम चेंज की कोशिशों को आप कैसे देखते हैं?

जवाब- कल कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि राहुल गांधी के पास एक कंट्रोल है. जब वो चाहेंगे, तो 40 लाख लोग देश में आराजकता फैलाने के लिए तैयार खड़े हैं. मेरा ये मानना है कि जो बातें हम पहले से उठा रहे थे कि राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने के और अस्थिर करने के लिए एक टूलकिट के रूप में यूज हो रहे हैं, आज जब कांग्रेस के नेता ही यह कह रहे हैं. इससे पता चलता है कि हमारी बातें ठीक साबित हो रही हैं. राहुल गांधी को ये अंदाजा नहीं हैं कि हमारा देश बाकि देशों से बिल्कुल भिन्न हैं. India की लोकतंत्र की जड़े बहुत भीतर तक मजबूत हैं, इसको नापाक सोच और विदेशी टूलकिट में शामिल लोग अस्थिर नहीं कर सकते. देश का लोकतंत्र इतना मजबूत है कि अराजकता और शहरी नक्सलवादी सोच के लोगों के जवाब देना जानता है.

विपक्षी द्वारा किस तरह का टूलकिट अपनाया जा रहा है और अराजकता फैलाई जा रही है?

जवाब- हम लोग शुरू कर रहे हैं कि लोकतंत्र के कुछ पैमाने होते हैं, हर फॉर्म पर अपनी बात रखने के कुछ तरीके होते हैं. नेता प्रतिपक्ष हो तो सदन में आइये, सदन में अपनी बात रखिए. सड़क पर भी आप संघर्ष करते हैं तो उसकी भी एक मर्यादा है. हमने भी सड़कों पर संघर्ष किया है. हमने सदन में भी संघर्ष किया है. हमारा तो इतिहास ही संघर्ष से जुड़ा है, लेकिन राहुल गांधी संघर्ष करके तो आए हैं नहीं हैं, उन्होंने इस देश के लोकतंत्र को अपने परिवार का राजतंत्र समझ लिया है. ये देश की जनता देख रही है. हमने टूलकिट की बात इसलिए करते हैं कि जब आपको (कांग्रेस) को देश की जनता ने नकार दिया है, आप एक के बात एक चुनाव हारते चले गए तो अब आप देश के सभी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं. पहले ईवीएम और अब एसआईआर पर सवाल उठा रहे हैं. जबकि खुद कांग्रेस के समय भी एसआईआर हो चुका है. एसआईआर केवल देश की वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने की एक प्रक्रिया है. जो लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं, क्या ऐसे लोगों का नाम वोटर लिस्ट में रहने दिया जाए? नियम कानून-कानून आपके समय के ही हैं, फिर आपको दिक्कत क्यों हो रही है? विपक्ष 13 करोड़ लोगों की वोट कटने की बात करता है, लेकिन इन 13 करोड़ लोगों में 6 करोड़ वो लोग हैं, जिनके नाम दो जगहों पर थे. करीब तीन करोड़ लोग मैच नहीं कर पाए. जबकि 8 करोड़ से ज्यादा वो लोग हैं, जो अब दुनिया में हैं ही नहीं. अब आप ही बताइये क्या लोगों को वोटर लिस्ट में रहने दिया जाए. अब जब वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण हो रहा है तो कांग्रेस और राहुल गांधी को बेचैनी क्यों हो रही है? क्यों वो नहीं चाहते कि देश की वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण हो? कहीं न कहीं मंशा देश के संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने की है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी ऐसी किसी मंशा को कामयाब नहीं होने देगी.

सवाल- राहुल गांधी social media पर Prime Minister मोदी को डिबेट के लिए चुनौती दे रहे हैं, लेकिन भाजपा उनको जवाब देती है कि आपको चर्चा के लिए हम संसद में बुलाते हैं, लेकिन आप संसद में आने से बचते हैं.

जवाब- राहुल गांधी नकल करके ही आगे सोचते हैं. अगर Prime Minister मोदी social media पर देशवासियों से बात करते हैं या संबोधित करते हैं तो इसके लिए 25 सालों तक तपस्या करनी पड़ती है. मुझे संदेह है कि आपने अभी तक अपने किसी संसदीय क्षेत्र में विकास के नाम का एक भी पत्थर लगाया है या नहीं. केरल से लेकर उत्तर प्रदेश तक उनके खुद के नाम की एक भी उपलब्धि नहीं है. वो बात अलग है कि आप आंकड़े के नाम पर नेता विपक्ष बने हैं. लेकिन Narendra Modi से सवाल करने के लिए सदन का पटल दिया गया है. आप आइए और सवाल कीजिए. रही बता आपके सवालों के जवाब कि तो उसके लिए हमारे नेता को आने की जरूरत नहीं है. आपके सवालों का जवाब देने के लिए हमारा एक मडल अध्यक्ष ही काफी है. आपकी एक-एक बात का जवाब भाजपा का एक कार्यकर्ता दे सकता है. बावजूद इसके अगर आप संसद में आएंगे तो आपके सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे.

सवाल- क्या आपको लगता है कि भीड़ तंत्र के दम पर चुनी हुई Government का रिजीम चेंज करनी की कोई साजिश हो रही है और अगर ये सही है तो आप उससे निपटने की क्या तैयारी कर रहे हैं?

जवाब- कुछ समूहों को इकट्ठा करके और उनको भीड़ का तंत्र बनाकर और दूसरे देशों के उदाहरण को लेकर और उनसे सीख कर यहां पर प्रयास करने वालों को मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे. देश का युवा विकास के साथ है, देश का देश के सांस्कृति मूल्यो, सांस्कृतिक विरासत और सुरक्षा के साथ जुड़ा है. अगर वो सोचते हैं कि देश के युवा को भ्रमित किया जा सकता है तो यह उनकी गलतफहमी है. उन्होंने जब-जब ऐसा कोई प्रयास किया है, मुंह की खाई है. इस देश में टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़ा होकर आप युवाओं का आह्लान करेंगे तो क्या देश का युवा उनके साथ खड़ा हो जाएगा? विदेश फंडिंग के नाम पर राजीव गांधी फाउंडेश के चलाने वाले इस देश के Political परिद्र्श्य को गढ़ पाएंगे क्या, कभी संभव नहीं है.

सवाल- आरएसएस के योगदान को आप किस तरह देखते हैं? भाजपा की विचारधारा और संगठन को मजबूत करने में आरएसएस की क्या भूमिका रही?

जवाब- जब हम आरएसएस यात्रा की चर्चा करते हैं, 100 वर्षों की इस यात्रा को…समर्पण, संकल्प और एक विचारधारा को लेकर शताब्दी तक अनवरत काम करना किसी सामान्य संगठन के बस की बात नहीं है. सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल तक पहुंचाने में और एक वैश्विक स्तर पर एक ऐसा संगठन, जिसने 100 वर्ष की यात्रा में India के संदेश को पूरी दुनिया तक पहुंचाया. साथ ही साथ इसके सफर को अगर देखें तो इस देश में जब-जब आपदा आईं, कठिनाइयां और जब-जब युद्ध हुए, उन परिस्थितियों में भी हमारे संघ का स्वयं सेवक एक ताकत और सैनिक बनकर इस देश की सेवा के लिए खड़ा रहा है. इसके साथ ही इसके कई तरह के संगठनों को खड़ा है, जिन्होंने देश की सांस्कृति विरासत, Political, शैक्षिक, और आर्थिक विषयों को आगे बढ़ाया. ये हमारा सौभाग्य है कि उसी संघ के प्रचारक हमारे Prime Minister बने. पहले अटल बिहारी वाजपेयी जी ने देश की सांस्कृति विरासत को आगे बढ़ाया और अब Narendra Modi Prime Minister के रूप में उन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ा रहे हैं. भाजपा के निर्माण में उसकी भूमिका है ही, साथ ही उसने पार्टी को एक ऐसी विचारधारा दी, जिस पर भाजपा का इतना बड़ा वटवृक्ष खड़ा हुआ है.

सवाल- पंजाब में भाजपा और अकाली दल के एक साथ आने पर चर्चा चल रही है. उसको लेकर आपका का क्या कहना है?

जवाब- अभी हम अपने बल पूरी ताकत से पंजाब के जनता के विषयों को उठा रही हैं, जिस तरह से पहले कांग्रेस और अब आप Government ने पंजाब के लोगों को लगातार ठगने का, भ्रम में रखने का, वहां युवाओं को नशे के गर्त में धकेलने का काम किया, वहां की महिलाओं की अनदेखी की और वो आज अपने आप को असुरक्षित महसूस करती हैं. हमारी सीमाओं को जिस प्रकार हम सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वो अपने राज्य के अंदर ही कानून-व्यवस्था को ध्वस्त कर रहे हैं. उनकी जनता के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है. अब जनता के सामने भाजपा ही उम्मीद की किरण बनकर उभरी है. इसको लेकर हमारी तैयारी जारी है. हम 117 सीटों पर पूरी तैयारी में जुटी हैं. किसी भी तरह के गठबंधन पर समय आने पर चर्चा की जाएगी.

सवाल- पश्चिम बंगाल में भाजपा Government के पहले और बाद के हालातों को आप कैसे देखते हैं?

जवाब- जब 2021 में मैं वहां गया तो मैंने तब का पश्चिम बंगाल देखा, 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले का भी पश्चिम बंगाल देखा और चुनाव के बाद परिणाम आने के बाद भी मैं पश्चिम बंगाल गया है. 4 मई के बाद से मेरे पश्चिम बंगाल के जो दो दौरे रहे, उसमें मैंने देखा कि लोगों में उत्साह, आजादी, और जीवन में बदला का भाव है. उनको देखकर लगता है कि लोग एक कैद में थे, कहीं न कहीं उनकी सोच को कैद कर दिया गया, उनके जीवन को एक तरह से कैद कर दिया गया था, और वो खुद के निर्णय नहीं ले पा रहे थे, अपनी बात नहीं कह पा रहे थे…लेकिन अब उनको चेहरों को देखकर लगता है कि वो अब खुलकर सांस ले पा रहे हैं. पश्चिम बंगाल में इस बार जैसे दुर्गा पूजा में घर-घर उत्सव मना, उसको देखकर कहा जा सकता है लोगों के खुशी और उत्साह का माहौल है. भाजपा Government बंगाल की पुरानी सांस्कृतिक विरासत और संस्कृति को वापस लौटाने का प्रयास कर रही है.

सवाल- तमिलनाडु में टीवीके कांग्रेस के साथ खींचतान की स्थिति में नजर आती है, क्या भाजपा उस Political घटनाक्रम को फोलो कर रहा है? क्या आने वाले समय में एनडीए टीवीके का स्वागत कर सकता है

जवाब- कांग्रेस और टीवीके में क्या खिचड़ी पक रही है, वो तो वही है, लेकिन कांग्रेस की संस्कृति और इतिहास क्या रहा है? कांग्रेस ने गठबंधन वाले दल को खत्म करने का काम ही किया है. कांग्रेस गठबंधन में विश्वास ही नहीं करती. अब जिस डीएमके के साथ कांग्रेस गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ी, उसी डीएमके को कांग्रेस ने सत्ता के लिए छोड़ दिया. कांग्रेस केवल सत्ता की भूखी है. सत्ता के लिए कांग्रेस कुछ भी कर सकती है. अब कांग्रेस टीवीके को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है. दोनों की इस खींचतान में क्या परिणाम निकलकर आता है, वो देखने वाली बात होगी.

सवाल- दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्रीय Political दल के सबसे युवा अध्यक्ष संभालने के बाद देश के युवा को आपकी तरफ से क्या संदेश है?

जवाब- India का युवा एक बहुत बड़ी ताकत है. अगर दुनिया के अंदर हम सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देश हैं, तो हमारे लिए गर्व की बात है कि हमें एक ऐसा नेता मिला है जो हमें 2047 के विकसित India के सपने की तरफ लेकर चल रहा है. देश में पहली बार विकसित India की कल्पना की गई है. अब तक लोग पंचवर्षीय योजना के तहत काम करते थे, लेकिन Prime Minister मोदी के नेतृत्व में 25 साल का रोडमैप तैयार किया गया है. मैं देश के युवाओं से यही कहूंगा कि आप जिस भी भूमिका में हैं, समाज के जिस क्षेत्र में आपना सौ प्रतिशत दीजिए, देश के Prime Minister Narendra Modi आपके साथ खड़े हैं. आज हम नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले देश बन रहे हैं. देश का युवा हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है. हमें पूरा यकीन है कि देश के युवा को साथ लेकर हम आगे बढ़ेगें तो 2047 के विकसित India का सपना जरूर साकार होगा.

सवाल- उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव पहले पीडीए की राजनीति करते थे, लेकिन अब वो ट्रैक बदलकर हिंदुत्व की तरफ बढ़ने लगे हैं. अब वो राम और कृष्ण की बात करते हैं, इस पार आपका क्या कहना है.

जवाब- ये दोहरे चरित्र वाले लोग हैं. ये पहले टोपी पहनकर राजनीति करते थे. पिछले लंबे समय से टोपी से परहेज कर रहे हैं. अब अलग-अलग भूमिकाओं की बात करते हैं. ये तो वो लोग हैं जो राम के होने के सवाल उठाते थे. कृष्ण को तो ये कभी समझ ही नहीं पाएंगे. विष्णु भगवान के कितने अवतार हैं, ये जान नहीं पाएंगे, क्योंकि ये केवल वोटबैंक की राजनीति करते हैं. India के सांस्कृतिक इतिहास की इनको कोई जानकारी नहीं है. इन दोहरे चरित्र वाले लोगों को जनता देख रही है. जनता इनको समय-समय पर सबक सिखाती रही है. लोगों को समझ है कि ये बेहरूपिए उनका कोई भला नहीं कर पाएंगे. चुनाव में यूपी की जनता इनको धूल चटाएगी.

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एमएस/