राहुल गांधी अमेरिका के एजेंट के रूप में यहां काम कर रहे : प्रतीक भूषण सिंह

गोंडा, 11 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश के गोंडा से भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने Lok Sabha के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को यूएसए का एजेंट बताते हुए बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, चुनाव केवल वोटों से ही जीते जा सकते हैं

भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने Lok Sabha के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, “मैं एक दूरदराज के गांव में रहने वाला व्यक्ति हूं. राहुल गांधी चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, चुनाव केवल वोटों से ही जीते जा सकते हैं और चुनाव जीतने के बाद ही Government बन सकती है. वह भ्रम फैलाकर और विदेशी ताकतों के औजार के रूप में काम करके इसे हासिल नहीं कर सकते.”

उन्होंने कहा कि जिस तरह से राहुल गांधी भ्रामक तथ्यों के आधार पर आरोप लगाकर भूमिका बना रहे हैं, वह India की व्यवस्था के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि मैं तो मानता हूं कि एजेंसियों को उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए. राहुल गांधी यूएसए एजेंट के रूप में यहां काम कर रहे हैं और उसके एजेंडे को यहां फैला रहे हैं. यहां के राजनेता से हमें यह उम्मीद नहीं थी. हमारे आस-पास के देशों में जो हो रहा है, वह इन्हीं जैसे नेताओं की वजह से हो रहा है. उन्होंने सीजेपी के प्रोटेस्ट को आम आदमी पार्टी की बी टीम का प्रदर्शन बताया.

वहीं, दूसरी ओर भाजपा विधायक ने Chief Minister योगी आदित्यनाथ से श्रावस्ती एयरपोर्ट में अनियमितताओं और खराब निर्माण गुणवत्ता की जांच की मांग की है. विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने से कहा कि वहां ऐसा लगता है कि निर्माण की इकाई या ठेकेदार या अन्य लोगों की तरफ से कमी रह गई है. इस कमी को देखना बर्दाश्त नहीं हो रहा. यह अच्छा नहीं लग रहा है कि यह Government की इतनी महत्वाकांक्षी परियोजना है, Prime Minister ने इसका उद्घाटन किया और उसके बाद निर्माण की इकाई ने ऐसा कैसे होने दिया.

उन्होंने बताया कि उन्हें एक बार आईआईटी रुड़की की एक रिपोर्ट मिली थी. रिपोर्ट में स्पष्ट है कि लापरवाही हुई है. तो उन्होंने Chief Minister को सूचित किया है कि इसमें जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अब वह जांच बताएगी कि भ्रष्टाचार हुआ है या लापरवाही हुई है. मेरी जिम्मेदारी थी आवाज उठाना तो मैंने Chief Minister को रिपोर्ट किया है. मुझे उम्मीद है कि जल्द ही कोई कठोर निर्णय देखने को मिलेगा.

बता दें कि श्रावस्ती एयरपोर्ट को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठ रहे हैं. केंद्र Government की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी उड़ान योजना के तहत इसके हाई-प्रोफाइल उद्घाटन के बाद कई आधिकारिक खुलासों और Political शिकायतों में गंभीर खामियां सामने आई हैं. निर्माण में अनियमितता और तकनीकी कमियों के कारण इसे ‘घोस्ट एयरपोर्ट’ भी कहा जा रहा है.

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पीएम