
वाराणसी, 9 सितंबर . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Wednesday को पिछली Governmentों पर आंगनबाड़ी व्यवस्था में अनियमितताओं और अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में बच्चों के पोषाहार तक की व्यवस्था माफिया के हाथों में थी.
उन्होंने कहा कि उस समय आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बदहाल थी, बच्चों को टाट लेकर जाना पड़ता था और न पेयजल था, न शौचालय और न ही गर्म पके भोजन की व्यवस्था. उनकी Government ने इस पूरी व्यवस्था को बदलकर आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया है.
वाराणसी में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में Government बनने के बाद जब आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई तो कई गंभीर खामियां सामने आईं. पोषाहार की आपूर्ति तक में अनियमितता थी. उन्होंने कहा कि जांच में सामने आया कि प्रदेश का एक शराब माफिया पोषाहार की रेसिपी की आपूर्ति करता था. Government ने इसकी गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए.
उन्होंने कहा कि उस दौर में व्यवस्था की गलतियों का खामियाजा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भुगतना पड़ता था. Lucknow में बैठे लोग गलतियां करते थे और उसकी गाली आंगनबाड़ी बहनों को सुननी पड़ती थी. उन्हें समय से मानदेय तक नहीं मिलता था. Government ने इस स्थिति को बदलते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और केंद्रों की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी. पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को नया स्वरूप दिया गया है. इन केंद्रों पर अब बाल वाटिकाएं संचालित हो रही हैं, जहां बच्चे खेल-खेल में अक्षर और अंक ज्ञान हासिल कर रहे हैं. Government का प्रयास है कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के समग्र विकास और प्रारंभिक शिक्षा के मजबूत आधार बनें.
Chief Minister ने कहा कि किसी भी देश की वास्तविक शक्ति उसका युवा होता है, लेकिन स्वस्थ और सक्षम युवा की नींव बचपन में पड़ती है. स्वस्थ मां से स्वस्थ बच्चे का जन्म होता है और स्वस्थ बच्चा आगे चलकर स्वस्थ विद्यार्थी तथा शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम युवा बनता है. यही युवा विकसित और आत्मनिर्भर India को नई दिशा देगा.
सीएम योगी ने कहा कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर India को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाना है. यह लक्ष्य केवल दिल्ली में बैठकर नीतियां बनाने से हासिल नहीं होगा. विकसित India की यात्रा गांवों और गलियों से होकर निकलेगी और इसकी शुरुआत आंगनबाड़ी केंद्रों तथा बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों से होगी. उन्होंने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ रखी गई है. यह केवल Government की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर आंगनबाड़ी कार्यकत्री, ग्राम पंचायत और प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है. समाज की सामूहिक भागीदारी से ही बच्चों को कुपोषण से मुक्त और स्वस्थ बनाया जा सकता है.
सीएम योगी ने Prime Minister मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए वर्ष 2014 के बाद जिस सोच को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाया गया, उसका मॉडल Prime Minister ने वर्ष 2001 में Gujarat के Chief Minister रहते हुए अपनाया था. आज वही दृष्टिकोण व्यापक रूप से पूरे देश में लागू हो रहा है. उन्होंने काशी में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि Prime Minister ने अपने विजन से काशी को नया कलेवर दिया है. आज काशी नई आभा और नई काया के साथ पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है.
उन्होंने कहा कि विकास के साथ सामाजिक और मानवीय सरोकारों को मजबूत करना भी Government की प्राथमिकता है. Chief Minister ने आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम बनाने पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ, सशक्त और शिक्षित बचपन ही मजबूत राष्ट्र की बुनियाद है. यदि आज बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा पर ध्यान दिया जाएगा तो आने वाले समय में India को ऐसा युवा मिलेगा, जो राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक और प्रभावी भूमिका निभाएगा.
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विकेटी/एसके
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