राष्ट्रीय खेल दिवस: गृह मंत्री अमित शाह, खेल मंत्री मांडविया, संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने युवाओं को मेजर ध्यानचंद से प्रेरणा लेने की अपील की

New Delhi, 29 अगस्त . दिग्गज हॉकी की खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जा रही है. इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और संसदीय कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए देशवासियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की बधाई दी है. खेल मंत्री मांडविया ने इस अवसर पर देशवासियों से खुद को फिट रखने के लिए सप्ताह में कम से कम एक घंटा किसी खेल को देने की अपील की.

गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, “अपनी अद्भुत और असाधारण प्रतिभा से भारतीय हॉकी को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं समस्त देशवासियों को ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं. मेजर ध्यानचंद का कौशल ऐसा था कि पूरी दुनिया उनकी हॉकी की कायल थी और जज्बा ऐसा कि गुलामी के कालखंड में भी उन्होंने अपने खेल से India का गौरव बढ़ाया. उनका अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण भारतीय खेल जगत की अमूल्य विरासत है, जो खिलाड़ियों व युवाओं को सदैव प्रेरणा देती रहेगी.”

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “आज मेजर ध्यानचंद की 121वीं जन्म जंयती है. उनकी जन्म जंयती को हम राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाते हैं. इस अवसर पर पूरे देश में फिट इंडिया अभियान को आगे बढाने के लिए एक घंटे खेल के मैदान में कार्यक्रम होगा. देश के युवा लाखों की संख्या में अपने-अपने नजदीकी मैदान में गए हैं और खेल से जुड़ी गतिविधियां कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है. देश आगे बढ़ रहा है. देश का निर्माण हो रहा है. India के निर्माण में देश का युवा फिट हो, समाज फिट हो तभी राष्ट्र समृद्ध बनेगा. हमें हर सप्ताह एक घंटे खुद को मैदान में रखना चाहिए और खुद को फिट रखने की कोशिश करना चाहिए.”

वहीं, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा, “राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं. हॉकी के जादूगर, महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन. उनका अद्वितीय खेल कौशल, अनुशासन और समर्पण आज भी देश के खिलाड़ियों को प्रेरित करता है. आइए, खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाकर स्वस्थ, सशक्त और खेल महाशक्ति बनते India के संकल्प को आगे बढ़ाएं.”

पीएके