राष्ट्रपति ने नहीं लौटाया पश्चिम बंगाल का ‘एंटी-गुंडा बिल’, पीआईबी ने मीडिया रिपोर्ट्स को बताया भ्रामक

New Delhi, 26 सितंबर . पश्चिम बंगाल के प्रस्तावित ‘एंटी-गुंडा बिल’ को लेकर सामने आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को पीआईबी फैक्ट चेक ने भ्रामक और गलत बताया है. इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि President ने विधेयक को पुनर्विचार के लिए पश्चिम बंगाल Government को लौटा दिया है.

पीआईबी फैक्ट चेक के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ‘द वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ अभी परीक्षण की प्रक्रिया में है.

पीआईबी फैक्ट चेक की ओर से social media प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा जानकारी के अनुसार, “पश्चिम बंगाल Government ने Governor द्वारा आरक्षित किए गए इस विधेयक को President के विचार और मंजूरी के लिए केंद्र Government के पास भेजा था.”

इसके बाद विधेयक को परीक्षण और टिप्पणियों के लिए केंद्र Government के संबंधित मंत्रालयों और विभागों के बीच सर्कुलेट किया गया. गृह मंत्रालय के स्पष्टीकरण के मुताबिक, विधेयक पर परीक्षण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है.

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि President द्रौपदी मुर्मु ने पश्चिम बंगाल Government के प्रस्तावित ‘एंटी-गुंडा बिल’ को पुनर्विचार के लिए वापस कर दिया है.

हालांकि, पीआईबी फैक्ट चेक की ओर से साझा किए गए गृह मंत्रालय के स्पष्टीकरण के अनुसार, President द्वारा विधेयक लौटाए जाने की बात सही नहीं है और बिल फिलहाल विचाराधीन है.

इस बिल को पश्चिम बंगाल विधानसभा ने पारित किया था. विधेयक का संबंध संगठित अपराध, जबरन वसूली, अवैध खनन, साइबर अपराध और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण से है.

Governor ने विधेयक को President के विचारार्थ आरक्षित किया था, जिसके बाद पश्चिम बंगाल Government की ओर से इसे President की मंजूरी के लिए भेजा गया.

अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि बिल को संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के पास परीक्षण एवं टिप्पणियों के लिए भेजा गया है और इस पर विचार की प्रक्रिया फिलहाल जारी है.

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एएमटी/एबीएम