
अयोध्या, 2 सितंबर . श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज यानी Wednesday को दोपहर 2 बजे मणिराम दास छावनी में बैठक होगी. इस बैठक में ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जाएगा और ट्रस्टी-स्तर के अन्य पदों पर चर्चा होगी. इस बैठक को लेकर महंत सीता राम दास, अनिरुद्ध दास, देवेशाचार्य, जगतगुरु परमहंस आचार्य सहित अयोध्या के संतों ने प्रतिक्रिया दी.
ट्रस्ट के सदस्य दिनेश दास ने कहा, “आज दोपहर 2 बजे छोटी छावनी में महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में दूसरी बैठक होगी. सभी ट्रस्टी इसमें शामिल होंगे. ट्रस्ट जो भी फैसला लेगा, उसे सभी मानेंगे. बैठक दोपहर 2 बजे शुरू होगी और कई चरणों में चलेगी. सभी सदस्य मौजूद रहेंगे. भगवान राम के आशीर्वाद से जो भी फैसला लिया जाएगा, उसे स्वीकार किया जाएगा.”
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा, “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पवित्र जन्मभूमि अयोध्या धाम में हाल ही में कुछ धर्म-विरोधी तत्वों ने राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर राई का पहाड़ बनाने की कोशिश की, ताकि देश और दुनिया भर में सनातन धर्म को बदनाम किया जा सके. ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए हर तरह के सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं. हो सकता है कि आज की बैठक में सीईओ के नाम की घोषणा हो जाए. हम सभी संत और अयोध्यावासी इसे लेकर बहुत उत्साहित हैं.”
मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने से बातचीत में कहा, “श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट की आज की बैठक सम्मानित अध्यक्ष की अध्यक्षता में श्री मणिराम दास छावनी में होगी. मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि क्या चर्चा होगी. बैठक से जो भी नतीजा निकलेगा, वह बाद में पता चलेगा. सारी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं.”
संत अनिरुद्ध दास ने कहा, “हम अक्सर सुनते हैं कि सीईओ के पद को लेकर कोई बैठक हो रही है या होने वाली है, और किसी सीईओ की नियुक्ति की जाएगी. यह राम मंदिर ट्रस्ट का अपना अंदरूनी सिस्टम है कि उन्होंने क्या व्यवस्था बनाई, कैसे एक धार्मिक परिषद का गठन किया और अब कैसे सीईओ का पद बनाया जाएगा. वे बिना किसी की सलाह लिए अपनी मर्जी से काम करते हैं.”
साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने कहा, “आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अधिकारियों की एक बैठक हो रही है. यह बैठक बहुत सौहार्दपूर्ण होगी. बैठक में जो भी फैसला लिया जाएगा, संत समाज उसे स्वीकार करेगा. लेकिन अगर कोई प्रतिकूल फैसला लिया जाता है, तो संत समाज उसे स्वीकार नहीं करेगा. अगर आप प्रधान सेवक के तौर पर किसी योग्य व्यक्ति को नियुक्त करते हैं, जिसने हमारे धर्मग्रंथों का गहन अध्ययन किया हो और उनमें विशेषज्ञ हो, तो संत समाज उसे स्वीकार कर लेगा.”
हनुमानगढ़ी के पुजारी देवेश आचार्य ने कहा, ” श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की समीक्षा बैठक हर महीने होती है और यह होनी भी चाहिए. यह समीक्षा इसलिए की जाती है ताकि यह पक्का किया जा सके कि मंदिर में कोई असुविधा न हो, दर्शन करने आने वाले भक्तों को कोई परेशानी न हो और अयोध्या के नागरिकों को भी कोई दिक्कत न आए. हालांकि, इसे लेकर जो बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है, वह पूरी तरह से अनावश्यक है. यह बैठक हर महीने एक रूटीन समीक्षा बैठक के तौर पर होती है.”
वहीं, बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा, “अयोध्या एक पवित्र धार्मिक शहर है, जहां भगवान राम का मंदिर है. यहां उचित इंतजाम होने चाहिए और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं दी जानी चाहिए. चूंकि राम मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है, इसलिए लोगों की भगवान राम के मंदिर में गहरी आस्था है. एक नए सीईओ की नियुक्ति होने वाली है, जिससे बेहतर काम और सुधार होने चाहिए. अयोध्या आने वाले सभी लोग ईश्वर में गहरी आस्था लेकर आते हैं. अयोध्या एक धार्मिक शहर है, भगवान राम का शहर है.”
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ओपी/एएस
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