
अनंतनाग, 5 अक्टूबर . राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव गुलाम अहमद मीर ने वोट चोरी के खिलाफ इंडिया गठबंधन की अगली योजना का खुलासा किया, जिसमें 6 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव आयोग के दफ्तर का घेराव और फिर President से मुलाकात शामिल है.
राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर एआईसीसी महासचिव गुलाम अहमद मीर ने कहा कि ये तो अब हकीकत बन चुका है. लोगों को समझ में नहीं आ रहा है. जो जिस धर्म का है, वह उस धर्म का सम्मान करेगा. जो चंदा वसूली की गई, वह धार्मिक कार्यों पर कम लगा और दूसरे जगह ज्यादा इस्तेमाल किया गया.
उन्होंने आगे कहा कि ताजा सबूत, जिस राम के नाम से ये दो सीटों से लेकर तीन सौ सीटों तक पहुंच गए, उन्हें भी नहीं छोड़ा. चढ़ावा चढ़ाने के लिए जो श्रद्धालु वहां जाते हैं, उनकी श्रद्धा पर भी इन लोगों ने सेंध मारी. ये तो देश के सामने खुला खेल है. जो अंधभक्त थे, वो भी आज इस बारे में सोचने को मजबूर हो गए.
गुलाम अहमद ने कहा कि देश में पहले चरण में इंडी गठबंधन के जो सहयोगी हैं, वो जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और मैनेजमेंट कमेटी का काम कर रहे हैं. इसके बाद दूसरे फेज में कुछ चयनित राज्यों में बड़े स्तर पर रैलियां होंगी.
गुलाम अहमद मीर ने आगे बताया कि तीसरे फेज में पार्लियामेंट का घेराव होगा, जो दिल्ली में किया जाएगा. इस दौरान 6 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडी गठबंधन के सभी सहयोगी दल चुनाव आयोग के दफ्तर जाएंगे, उनसे सवाल पूछने की कोशिश करेंगे. इसके साथ ही 15-16 अक्टूबर को President के पास भी जाने की कोशिश करेंगे. वहां पर ज्ञापन दिया जाएगा कि किस तरह से लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ होगा.
उन्होंने कहा कि अब तो चुनाव आयोग के दो आयुक्त ने खुलासा किया कि किस तरह से चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया. ये सबूत हैं.
गुलाम अहमद मीर ने कहा कि हमारे देश की परंपरा है कि चाहे Supreme Court हो या कोई अन्य कोर्ट, जब वहां पांच जज किसी गंभीर मसले के लिए बैठते हैं और बहस होने के बाद जो तीन जजों का फैसला आता है, उसे फाइनल माना जाता है. यही चीज चुनाव आयोग पर भी लागू होती है. तीन ही कमिश्नर हैं, एक चोरी कर रहा है, दो सवाल उठा रहे हैं, तो उन दो की क्यों न सुने देश?
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डीकेपी
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