
बलिया, 8 नवंबर . Samajwadi Party (सपा) के सांसद सनातन पांडे ने राम मंदिर के चंदे में अनियमितताओं को लेकर तीखे बयान दिए हैं. उन्होंने कहा कि Prime Minister को दीपावली नहीं मनानी चाहिए. वे देश के सैनिकों को धोखा दे रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने 1990 में हुई फायरिंग को सही ठहराते हुए कहा कि संविधान को बचाने के लिए नेताजी का वह कदम बिल्कुल सही था.
सनातन पांडे ने से बात करते हुए कहा, “Prime Minister क्या मना रहे हैं और कब मना रहे हैं, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है, यह उनका अपना मामला है. हम बस इतना जानते हैं कि देश के Prime Minister को दीपावली नहीं मनानी चाहिए. वह हमारे सैनिकों को धोखा दे रहे हैं. उनके कार्यकाल के दौरान हमारी सभी सीमाओं पर सैनिक मारे गए हैं. वे दिखावा करते हैं, यह पूरा देश जान चुका है. उनके कार्यकाल में India के किसी भी देश के साथ संबंध अच्छे नहीं हैं.”
एक अन्य बयान में सनातन पांडे ने कहा, “मेरा भी यही मानना है कि India के संविधान को बचाने के लिए आदरणीय नेताजी द्वारा गोली चलवाना बिल्कुल सही कदम था. India को बचाने के लिए उन्होंने जो गोलियां चलवाईं, हाई कोर्ट की रोक हट चुकी थी. अगर नेताजी वहां न आते और गोली चलाने का आदेश न देते, तो आपकी मस्जिद ढहा दी जाती, या फिर मंदिर और मस्जिद दोनों ही ढहा दिए जाते.”
उन्होंने कहा, “उस समय, India में गृहयुद्ध छिड़ सकता था. हमने India और उसके संविधान को बचाने के लिए गोली चलवाई थी. मुझे समझ नहीं आता कि हमारी पार्टी के लोग इस मुद्दे पर हिचकिचाते क्यों हैं. हम खुलकर कहते हैं कि हमने India के संविधान को बनाए रखने की शपथ ली है, हम संविधान और गीता की कसम खाते हैं. मैं बस इतना कहूंगा कि हमसे गलती हुई है, और जनता की बदौलत ही हम आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं. अपनी गलती के लिए माफी मांगने में मुझे कोई संकोच नहीं है. हालांकि, Chief Minister को भी अपने कार्यकाल में हुई घटनाओं के लिए माफी मांगनी चाहिए.”
उन्होंने कहा, “क्या उन्होंने राम मंदिर के लिए इकट्ठा किए गए चंदे में कथित चोरी के मामले में माफी मांगी है? पूरा देश, जिसमें एक विशेष समुदाय के लोग और विदेशों में रहने वाले भारतीय भी शामिल हैं, उनसे माफी की उम्मीद कर रहा है. जिन लोगों ने भगवान राम के नाम का इस्तेमाल किया और राम के नाम पर आए चंदे में कथित तौर पर हेराफेरी की, उन्हें देश के सामने माफी मांगनी चाहिए. Chief Minister को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और चुनाव के जरिए जनता से नया जनादेश लेना चाहिए.”
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एससीएच/एबीएम
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