राम गोपाल वर्मा ने टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में शामिल असली शूटर्स की तुलना फिल्मों की कास्टिंग से की

Mumbai , 23 अक्टूबर . फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने Actor टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में कथित शूटरों की शक्ल-सूरत पर टिप्पणी करते हुए उनकी तुलना फिल्मों में अपराधियों की कास्टिंग से की है.

राम गोपाल वर्मा ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिन लोगों पर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने का आरोप है, उन्हें किसी फिल्म में खलनायक के गिरोह में चाय लाने वाले लड़कों की भूमिका भी नहीं मिलेगी.

उन्होंने लिखा, “टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले शूटर जैसे दिखते हैं, उन्हें किसी फिल्म में विलेन के अड्डे पर चाय पहुंचाने वाले लड़के का रोल भी नहीं मिलेगा.”

राम गोपाल वर्मा ने कहा कि वास्तविक जिंदगी के अपराधी अक्सर फिल्मों में दिखाए जाने वाले अपराधियों से काफी अलग दिखते हैं. उन्होंने इस संदर्भ में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का भी जिक्र किया.

वर्मा ने कहा कि यदि India के सबसे चर्चित गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम पर फिल्म बनाई जाए तो हो सकता है कि दाऊद जैसे दिखने वाले व्यक्ति को भी उसका किरदार निभाने के लिए न चुना जाए.

उन्होंने लिखा, “असल जिंदगी का कास्टिंग डायरेक्टर, फिल्मी दुनिया के कास्टिंग डायरेक्टर से कहीं ज्यादा अजीब होता है.” उन्होंने अपनी पोस्ट में कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा को भी टैग किया.

वर्मा की इस टिप्पणी पर social media यूजर्स ने भी प्रतिक्रिया दी. कुछ लोगों ने उनकी बात से सहमति जताई, जबकि कुछ ने अलग राय रखी.

एक यूजर ने लिखा, “कास्टिंग डायरेक्टर वही चुनते हैं जो बिक सके, जरूरी नहीं कि वह हकीकत जैसा हो. Bollywood में गैंगस्टर सूट और दाढ़ी में दिखाया जाता है, जबकि असली अपराधी आपके आसपास के आम लोगों जैसे दिख सकते हैं.”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “आप इतने सालों से फिल्म निर्देशक हैं, अच्छा होगा कि आप खुद भी किसी किरदार को निभाएं, जैसे दाऊद इब्राहिम का.”

इससे पहले भी राम गोपाल वर्मा ने टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक असामान्य घटना बताया था.

उन्होंने कहा था कि आमतौर पर ऐसी वारदातें वसूली, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग या आपसी रंजिश के कारण होती हैं, लेकिन इस मामले में कथित तौर पर वजह ‘अहंकार और दिखावा’ नजर आती है.

वर्मा ने लिखा था, “टाइगर श्रॉफ के साथ जो हुआ, वह पहले कभी नहीं देखा गया. पहली बार ऐसा लग रहा है कि हत्या की कोशिश का कारण वसूली या बदला नहीं, बल्कि अहंकार और प्रतिष्ठा का मामला है.”

बता दें कि 19 अक्टूबर को Mumbai के जुहू क्षेत्र स्थित पुष्पा नरसी पार्क के पास एक फुटबॉल क्लब के बाहर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी. इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, लेकिन उनके चालक और एक ऑटो रिक्शा चालक घायल हो गए थे.

–

एएमटी/डीकेपी