
New Delhi, 8 नवंबर . Prime Minister Narendra Modi छत्तीसगढ़ के बक्सर में दिवाली मनाने वाले हैं. इसको लेकर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि Prime Minister किसी भी अवसर को लाभ में बदलने से बाज नहीं आते हैं. इसके साथ ही उन्होंने सोनिया गांधी का बचाव किया और सीएम योगी के बयान पर सवाल उठाया.
पीएम मोदी द्वारा बस्तर में दिवाली मनाने पर उदित राज ने कहा कि क्या पहले वहां दिवाली नहीं मनाई जाती थी? Prime Minister किसी भी अवसर को लाभ में बदलने से बाज नहीं आते हैं. पहले भी दिवाली मनाई जाती थी, आबादी पहले भी थी, त्योहार पहले भी थे. तो मोदी जी हमेशा जनता को बेवकूफ बनाने वाली बातें करते हैं. अरे, त्योहार के समय तो झूठ नहीं बोलना चाहिए. त्योहार भी नहीं छोड़ते. पहले भी दिवाली मनाई जाती थी. ठीक है, नक्सल गतिविधियां ज्यादा थीं. नक्सल गतिविधियों में कांग्रेस की पूरी एक पीढ़ी मार दी गई थी.
दिल्ली के प्रदुषण पर उन्होंने कहा कि अब तो क्वाड्रपल इंजन की Government है, डबल नहीं, ट्रिपल नहीं, क्वाड्रपल है. तो यही होगा. जितनी ज्यादा जगहों पर सत्ता में बैठेंगे, उतनी ही ज्यादा देश की बर्बादी होगी. लोकल गवर्नमेंट इनकी, कॉर्पोरेशन इनका, विधानसभा इनकी, स्टेट गवर्नमेंट इनकी, एलजी इनका, केंद्र Government इनकी तो सत्यानाश तो हो नहीं रहा है. यह तो झूठ बोल-बोलकर काम चलाते रहते हैं.
सोनिया गांधी के ‘बाबरी मस्जिद विध्वंस’ से जुड़े बयान पर भाजपा की प्रतिक्रिया को लेकर उन्होंने कहा कि मस्जिद का टूटना तो एक दुखदायी प्रकरण है. बात सामाजिक ताने-बाने (सोशल फैब्रिक) की है. उनको चिंता हुई कि 25-30 करोड़ मुसलमान इस देश के अंदर हैं. India की तरक्की पर इसका असर नहीं पड़ेगा क्या? इतनी बड़ी आबादी को आप नफरत से देखेंगे, मुख्यधारा से काटकर देखेंगे, उनको टारगेट करेंगे तो देश के लिए ही वे रोई थीं. देश के लिए भावुक हुई थीं कि देश का क्या हाल होगा.
आपातकाल को लेकर उदित राज ने कहा कि उन्होंने कहा कि हां, गलती हुई थी. उन्होंने अब इसे सार्वजानिक रूप से स्वीकार कर लिया है तो अच्छी बात है. गलती इंसान से ही होती है. झूठ बोलने वाले गलती नहीं मानते हैं और जो षड्यंत्रकारी होते हैं, वे भी गलती नहीं मानते हैं. भाजपा और आरएसएस के लोग गलती नहीं मान सकते.
उदित राज ने कहा कि देश सैकड़ों साल गुलाम रहा है. उस इतिहास को क्या कभी मिटाया जा सकता है? इस देश पर शक आए, तुर्क आए, लोदी आए, मुगल आए, फ्रेंच आए और ब्रिटिश आए. ब्रिटिश के साथ जो लोग थे, ये तो देश को गुलाम बनाने वाले लोगों में से थे. इन्हें आजादी की बात कहां से आ गई? ये तो अंग्रेजों को जाने नहीं देना चाहते थे. 1942 में आईएनए (आजाद हिंद फौज) के खिलाफ खड़े हो गए थे और अंग्रेजों की सेना को मजबूत कर रहे थे. इनको देश की आजादी से क्या लेना-देना है? इन्हें तो सिर्फ लाभ लेना है, वोट के रूप में, दुष्प्रचार करके और झूठ बोलकर.
अखिलेश यादव चुनाव से पहले राम मंदिर जाने के प्रस्तावित कार्यक्रम पर उदित राज ने कहा कि योगी आदित्यनाथ से पूछना चाहता हूं, क्या भगवान राम उनकी जागीर हैं? राम सर्वत्र हैं, कण-कण में हैं. ये होते कौन हैं भाई. राम का सौदा करने वाले? इनकी परमिशन की क्या जरूरत है? इनसे प्रमाणपत्र लेने की क्या आवश्यकता है?
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एएमटी/
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