राज्यसभा चुनाव में भाजपा की होगी जीत, यूपी-उत्तराखंड में पार्टी का बहुमत: प्रेम शुक्ला

New Delhi, 22 सितंबर . India निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की 11 सीटों (उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक) पर द्विवार्षिक चुनाव कराने का ऐलान किया है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल की एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा. चुनाव के ऐलान के साथ ही Political दलों ने अपनी-अपनी जीत के दावे शुरू कर दिए हैं.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी के पास मौजूद सीटों की संख्या निश्चित रूप से बढ़ेगी और पार्टी को सफलता मिलेगी. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों में भाजपा का बहुमत है, इसलिए परिणाम भाजपा के पक्ष में ही आएंगे.

वहीं, एसआईआर (एसआईआर) के मुद्दे पर भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा, “एसआईआर के बारे में चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें जवाब देने का पूरा मौका दिया जाएगा और जब तक वे अपना जवाब नहीं देते, तब तक मतदाता सूची से उनके नाम नहीं हटाए जाएंगे. इसलिए किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है.”

सीपीपी अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम 1980 की मतदाता सूची में होने और 1983 में नागरिकता मिलने से जुड़े विवाद पर भी प्रेम शुक्ला ने कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने कहा, “सोनिया गांधी का फर्जीवाड़ा सामने आ गया है. इस देश में मतदाता बनने की पहली शर्त नागरिक होना है तो अगर सोनिया गांधी 1980 में India की नागरिक नहीं थीं, तो वह मतदाता कैसे बनीं?”

उधर, Lucknow में राज्यसभा चुनाव की घोषणा पर भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में विधानसभा से चुने गए प्रतिनिधि यानी विधायक वोट डालते हैं. उन्होंने कहा, “पिछले राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने आठ सीटें जीती थीं. हमें पूरा भरोसा है कि हम अपना रिकॉर्ड बनाए रखेंगे.” उन्होंने दावा किया कि इस बार भी भाजपा उत्तर प्रदेश की ज्यादातर सीटों पर जीत दर्ज करेगी.

Samajwadi Party के आरोपों पर पलटवार करते हुए राकेश त्रिपाठी ने कहा कि Samajwadi Party जानबूझकर जाति के आधार पर लोगों की भावनाओं को भड़काने और उसे उजागर करने की कोशिश कर रही है और इसीलिए वे बार-बार ऐसे मुद्दे उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने सपा के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा, “अपना कार्यकाल याद कीजिए जब उत्तर प्रदेश में एक खास जाति के लोगों का सभी नौकरियों पर कब्जा था. आज भारतीय जनता पार्टी की Government में हमने मेरिट, टैलेंट और काबिलियत के आधार पर नौकरियां दी हैं.”