
Lucknow, 30 सितंबर . उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले Samajwadi Party ने अपने पत्ते खोलते हुए अनुभवी संसदीय नेता प्रो. रामगोपाल यादव के साथ उद्योग और खेल प्रशासन से जुड़े धनराज परिमल नाथवानी को मैदान में उतार दिया है. नाथवानी का नाम सामने आते ही राज्यसभा चुनाव की सियासत में नया मोड़ आ गया है.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में दोनों प्रत्याशियों ने Wednesday को विधानसभा परिसर स्थित निर्वाचन कार्यालय में नामांकन दाखिल किया. अखिलेश यादव नामांकन के दौरान धनराज नाथवानी के साथ नजर आए. इस मौके पर सपा के वरिष्ठ नेता और विधायक भी मौजूद रहे. पार्टी ने दोनों नामों की घोषणा अपने आधिकारिक social media मंच ‘एक्स’ के जरिए की. धनराज नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं. उनकी प्रोफाइल के मुताबिक, वह 2010 से रिलायंस समूह से विभिन्न भूमिकाओं में जुड़े हैं और वित्त, लेखा, खरीद, मानव संसाधन, कॉरपोरेट अफेयर्स तथा सुरक्षा सहित कई गैर-तकनीकी विभागों में जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. वह रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के निदेशक भी हैं. नाथवानी खेल प्रशासन में भी सक्रिय हैं. वह Gujarat क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) के अध्यक्ष हैं.
इससे पहले वह जीसीए के उपाध्यक्ष रह चुके हैं. उनकी प्रोफाइल के अनुसार, Ahmedabad के Narendra Modi क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट में भी उनकी भूमिका रही है. वह Gujarat स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर भी काम कर चुके हैं. इसके अलावा, वे द्वारका देवस्थान समिति के उपाध्यक्ष भी हैं. धनराज नाथवानी के पिता परिमल नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े रहे हैं और राज्यसभा सदस्य भी हैं. धनराज की शैक्षिक पृष्ठभूमि भी कारोबारी क्षेत्र से जुड़ी है. उन्होंने लंदन के रीजेंट्स बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से कॉरपोरेट लॉ एवं पब्लिक रिलेशंस मैनेजमेंट में विशेषज्ञता के साथ एमबीए किया है.
सपा के दूसरे उम्मीदवार रामगोपाल यादव पार्टी के प्रमुख संसदीय चेहरों में शामिल हैं. लंबे समय से राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले रामगोपाल यादव का नाम सपा के संसदीय मामलों में महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में पार्टी ने एक ओर अनुभवी संसदीय चेहरे को दोबारा मैदान में उतारा है, वहीं दूसरी ओर उद्योग और खेल प्रशासन से जुड़े नए चेहरे को मौका दिया है. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है और उसी दिन मतगणना होगी. निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है. विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के आधार पर एक राज्यसभा सदस्य के निर्वाचन के लिए 37 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होगी.
सपा के सामने असली चुनौती तीसरी सीट को लेकर है. पार्टी के पास दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए आवश्यक संख्या बल मौजूद है, लेकिन तीसरे उम्मीदवार के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा. इसी वजह से चुनाव में प्रथम वरीयता के साथ दूसरी और तीसरी वरीयता के मत भी महत्वपूर्ण हो जाएंगे. राज्यसभा चुनाव में विधायक प्राथमिकता के आधार पर मतदान करते हैं. निर्धारित कोटा हासिल करने वाले उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित किया जाता है. किसी उम्मीदवार के अतिरिक्त मत होने की स्थिति में स्थानांतरण और अगली वरीयताओं के मतों की भूमिका भी अहम हो जाती है. यही वजह है कि चुनाव के अंतिम चरण में विधायकों के संख्या बल और उनके मतदान की रणनीति पर Political दलों की नजर रहेगी.
सपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने की संभावना पर भी विचार कर रही है. इसके लिए उसे अपने मौजूदा संख्या बल के अलावा अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. पार्टी की रणनीति में पिछले चुनावों में अलग रुख अपनाने वाले विधायकों को फिर से अपने पाले में लाने की कोशिश भी शामिल बताई जा रही है. पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने वाले सपा के कुछ विधायक इस बार भी सियासी गणित का अहम हिस्सा हैं. सपा को उम्मीद है कि इनमें से कुछ विधायक उसके साथ लौट सकते हैं. हालांकि, अंतिम तस्वीर नामांकन की समयसीमा खत्म होने और Political दलों की रणनीति स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगी.
वहीं, भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल होने के कारण आठ सीटों के लिए मुकाबले का गणित उसके पक्ष में माना जा रहा है. हालांकि, यदि सपा तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारती है तो अतिरिक्त मतों को लेकर दोनों खेमों में Political सक्रियता बढ़ना तय है. इस तरह सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी के नामों के साथ राज्यसभा चुनाव की शुरुआती तस्वीर तो साफ कर दी है, लेकिन तीसरे उम्मीदवार को लेकर बना सस्पेंस अभी बरकरार है. अब नजर इस बात पर है कि सपा तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारती है या नहीं और अगर उतारती है तो उसके लिए जरूरी अतिरिक्त मतों का इंतजाम किस तरह करती है.
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विकेटी/एसके
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