
New Delhi, 3 अक्टूबर . केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने Saturday को ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी) संरक्षण कार्यक्रम की सफलता के लिए Prime Minister Narendra Modi के विजन की सराहना की. उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में यह संरक्षण कार्यक्रम दुनिया के लिए एक उदाहरण बन गया है.
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने इस कार्यक्रम में तेजी से हुई प्रगति के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, वन विभाग के अधिकारियों, भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के प्रयासों की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि जीआईबी संरक्षण कार्यक्रम अब इन पक्षियों को दोबारा प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने यानी रीवाइल्डिंग के चरण तक पहुंच गया है.
भूपेंद्र यादव जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में कैप्टिव ब्रीडिंग के जरिए तैयार किए गए दो ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को सॉफ्ट-रिलीज फैसिलिटी से जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया की शुरुआत के मौके पर बोल रहे थे. इन पक्षियों को Sunday को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जाना है.
आधिकारिक बयान के मुताबिक, Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए.
भूपेंद्र यादव ने कहा कि जीआईबी संरक्षण कार्यक्रम की सफलता से पर्यावरण को होने वाले फायदों के साथ स्थानीय समुदायों को इको-टूरिज्म के जरिए आर्थिक लाभ भी मिलेगा.
उन्होंने कहा कि ग्रेट इंडियन बस्टर्ड थार के पारिस्थितिकी तंत्र की एक महत्वपूर्ण प्रजाति है. उन्होंने घास के मैदानों के संरक्षण, भूमि क्षरण रोकने और मध्य एशियाई फ्लाईवे से आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में इसके महत्व का जिक्र किया.
अपने दौरे पर Union Minister ने इन्क्यूबेशन और ब्रीडिंग फैसिलिटी की समीक्षा की और जीआईबी संरक्षण कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों से बातचीत की. रामदेवरा में रीवाइल्डिंग एवियरी का निर्माण Rajasthan वन विभाग ने Rajasthan स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से कराया है.
इसके लिए Rajasthan Government ने 9.25 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया था. इसे केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों की सलाह से तैयार किया गया है.
यह बड़ी एवियरी बिना खंभों के बनाई गई है, जिससे कैप्टिव ब्रीडिंग के जरिए तैयार किए गए ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को उड़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है. इससे पक्षियों को अपनी उड़ान क्षमता विकसित करने, प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल होने और जंगल में छोड़े जाने से पहले प्राकृतिक व्यवहार अपनाने में मदद मिलती है.
कार्यक्रम के दौरान रामदेवरा और सम में स्थित जीआईबी कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर की प्रगति की भी समीक्षा की गई. इसके साथ ही जीआईबी संरक्षण की दस साल की यात्रा पर तैयार एक ब्रोशर भी जारी किया गया. Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने राज्य पक्षी की रीवाइल्डिंग को पूरे प्रदेश के लिए गर्व का दिन बताया.
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य Government के संयुक्त प्रयासों से थार की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा रहे ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को विलुप्त होने की कगार से वापस लाने में मदद मिली है.
Chief Minister ने जीआईबी संरक्षण कार्यक्रम के लिए Rajasthan Government की ओर से दी गई आर्थिक सहायता की भी जानकारी दी. इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए अन्य प्रयासों का भी जिक्र किया. कार्यक्रम में Rajasthan के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा के साथ केंद्र और राज्य Governmentों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.
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एएमटी/
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