
jaipur, 25 सितंबर . भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने Friday को युवाओं से जीवन में शॉर्टकट से बचने और धैर्य के साथ लगातार मेहनत करने की अपील की. उन्होंने कहा कि जीवन 100 मीटर की दौड़ नहीं, बल्कि मैराथन की तरह है.
jaipur में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि छोटी दौड़ में रफ्तार की परीक्षा होती है, जबकि लंबी दूरी की दौड़ में सहनशक्ति की. उन्होंने युवाओं से कहा कि वे छोटी-मोटी असफलताओं या मुश्किलों से निराश न हों और अपने लक्ष्य के लिए पूरी लगन और धैर्य के साथ काम करते रहें.
नवीन ने युवाओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना अपनाने और 2047 तक विकसित India के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि शॉर्टकट से जल्दी परिणाम मिलता हुआ दिखाई दे सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि उसके जरिए व्यक्ति अपनी मंजिल तक पहुंच जाए. सफलता के लिए समर्पण, निरंतर मेहनत और लंबे समय तक अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहना जरूरी है. उन्होंने कार्यक्रम के दौरान Rajasthan के युवाओं की आवाज, कविताओं और गीतों में दिखाई दिए उत्साह का भी जिक्र किया.
नवीन ने कहा, ”किसी भी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए. छोटी जिम्मेदारी भी बड़ी और सकारात्मक सोच के साथ की जाए तो वह महत्वपूर्ण बन सकती है.”
उन्होंने युवाओं के सामने तीन सवाल रखे. पहला, वे भविष्य में कैसा India देखना चाहते हैं? दूसरा, वे कैसा Rajasthan चाहते हैं? और तीसरा, एक नागरिक के तौर पर वे अपनी क्या भूमिका देखते हैं? उन्होंने कहा कि प्राथमिकता में सबसे पहले राष्ट्र, उसके बाद राज्य या संगठन और फिर स्वयं को रखना चाहिए.
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सफलता मिलने पर हर कोई खुशी मनाता है, लेकिन कई बार युवा छोटी असफलताओं से निराश हो जाते हैं. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे थोड़े समय की निराशा के कारण कोई नुकसान पहुंचाने वाला फैसला न लें और अपने लक्ष्य से दूर न हों.
Prime Minister Narendra Modi का जिक्र करते हुए उन्होंने ने कहा कि राजनीति देश की दिशा और विकास में योगदान देने का अवसर दे सकती है. उन्होंने युवाओं से सार्वजनिक जीवन को सकारात्मक नजरिए से देखने की अपील की.
वर्ष 2012-13 के समय का जिक्र करते हुए नितिन नवीन ने दावा किया कि उस दौर में युवाओं के बीच निराशा थी. उन्होंने कहा कि इसके बाद Narendra Modi ने युवाओं को खुद पर और देश पर विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने कहा कि अगर India के 140 करोड़ लोग 2047 तक विकसित India बनाने के लक्ष्य की ओर एक साथ आगे बढ़ें तो इसे हासिल किया जा सकता है.
स्वामी विवेकानंद को उद्धृत करते हुए नवीन ने कहा, ”उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए.”
उन्होंने एक और संदेश देते हुए कहा, ”अतीत एक खजाना है, उसे संभालकर रखें. वर्तमान एक संघर्ष है, उसमें डटे रहें और भविष्य एक सपना है, उसकी ओर आगे बढ़ें.”
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी युवाओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ जीवन का लक्ष्य तय करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत उपलब्धि महत्वपूर्ण है, लेकिन देश और समाज के लिए काम करने से पहचान और सम्मान मिलता है.
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एएमटी/एमएस
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