राजस्थान पुलिस ने मंदसौर में 1 लाख रुपए के इनाम वाले तस्कर विश्नाराम को गिरफ्तार किया

jaipur, 6 अक्टूबर . Rajasthan Police ने दिवाली से पहले मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ा अंतरराज्यीय अभियान शुरू किया है. अभियान के तहत Rajasthan Police के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने Madhya Pradesh के मंदसौर से 1 लाख रुपए के इनाम वाले फरार अपराधी विश्नाराम को ‘ऑपरेशन मदवैतेश’ के तहत गिरफ्तार किया.

एएनटीएफ के इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) विकास कुमार के नेतृत्व में गठित और Police महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त Police महानिदेशक (एडीजीपी) दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में काम कर रही एक विशेष टीम ने इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया.

विश्नाराम का नाम Rajasthan की ‘शीर्ष 25 नार्को तस्करों’ की सूची में था और वह लगभग दो वर्षों से फरार था.

एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी विश्नाराम (32) बाड़मेर के आरआईआईसीओ Police थाना क्षेत्र के कुडला का निवासी है और उसने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है.

Police के अनुसार, अपने दादा को अफीम की भूसी की लत में डूबा देखकर विश्नाराम ने जल्दी और अच्छी कमाई के लालच में नशीले पदार्थों के धंधे में कदम रखा.

शुरुआत में उसने एक सहायक (खलासी) के रूप में काम किया और धीरे-धीरे नीमच और मंदसौर में सक्रिय बड़े नशीले पदार्थों के तस्करों से सीधे संपर्क स्थापित कर लिए.

Police ने बताया कि उसने बाद में Madhya Pradesh से नशीले पदार्थों की खेप लाने और Rajasthan के मारवाड़ क्षेत्र में उन्हें ऊंची कीमतों पर बेचने के लिए एक व्यापक नेटवर्क बनाया.

लगभग 12 वर्षों से इस आपराधिक नेटवर्क में सक्रिय विश्नाराम पर एनडीपीएस अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत अपराधों के साथ-साथ हत्या के प्रयास, चोरी, धोखाधड़ी और मारपीट से संबंधित एक दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

Rajasthan एएनटीएफ के बढ़ते दबाव के कारण, विश्नाराम ने कथित तौर पर जोधपुर में कई बार अपने ठिकाने बदले और फिर अपनी पहचान छिपाकर Madhya Pradesh के मंदसौर जिले में चला गया.

Police के अनुसार, उसने स्थानीय Police और खुफिया एजेंसियों से बचने के लिए खुद को फर्नीचर व्यापारी के रूप में पेश करना शुरू कर दिया.

इस दौरान, उसने कथित तौर पर जोधपुर के फर्नीचर कारीगरों को काम के लिए मंदसौर बुलाया.

बाद में एएनटीएफ को सूचना मिली कि विश्नाराम मंदसौर में छिपा हुआ है और फर्नीचर से संबंधित गतिविधियों की निगरानी कर रहा है.

विशेष दल ने जोधपुर से आए कारीगरों की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया और अंततः उन्हें पिपलियामंडी Police स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में स्थित उमरिया गांव में खोज निकाला.

जब एएनटीएफ दल ने उमरिया गांव में छापा मारा, तो विश्नाराम कथित तौर पर कारीगरों और अपने साथियों के साथ एक अन्य कथित तस्कर के रिश्तेदार के घर पर एक सभा आयोजित कर रहा था.

दल ने तुरंत परिसर को घेर लिया, जिससे आरोपी को भागने का कोई मौका नहीं मिला और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया.

Police के अनुसार, विश्नाराम के खिलाफ विभिन्न Police स्टेशनों में 18 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें सदर बाड़मेर, बाड़मेर कोतवाली, महिला थाना, आरआईआईसीओ, नगाना, चोहतान और गिदा, जोधपुर कमिश्नरेट, पाली जिले का सुमेरपुर, प्रतापगढ़ जिले का छोटी सादरी और Haryana के गुरुग्राम का सुशांत लोक शामिल हैं.

इन मामलों में शस्त्र अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराधों के साथ-साथ हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी से संबंधित आरोप भी शामिल हैं.

एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने कहा कि Rajasthan को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत मादक पदार्थों के तस्करों और अन्य अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.

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एमएस/