राजस्थान पंचायत चुनाव: उदयपुर में मतगणना स्थल पर पत्थरबाजी और आगजनी

jaipur, 6 नवंबर . Rajasthan के उदयपुर जिले में Thursday देर रात ग्राम पंचायत चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद, एक मतगणना केंद्र पर पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं. वहीं, पंचायती राज चुनावों के तीसरे चरण में कई प्रमुख Political परिवारों को चुनावी हार का सामना करना पड़ा.

उदयपुर जिले की खेरवाड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली नवाघरा ग्राम पंचायत में, Thursday रात करीब 11:30 बजे पुष्पा देवी को विजेता घोषित किए जाने के बाद हिंसा भड़क गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, जब विजेता उम्मीदवार को मतगणना केंद्र से उनके घर ले जाया जा रहा था, तब हारे हुए उम्मीदवार के समर्थक उग्र हो गए. आरोप है कि उन्होंने मतगणना स्थल पर पथराव किया, संपत्ति में आग लगा दी और वहां खड़ी कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की.

बावलवाड़ा के Policeकर्मियों सहित कई Police टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को काबू में किया. आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की टीम को भी बुलाया गया.

एक अन्य घटना में, भरतपुर जिले की बयाना पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली दर बरहना ग्राम पंचायत में वोटों की गिनती के दौरान विवाद हो गया. दो राउंड की गिनती के बाद, विमला कुमारी को शुरुआत में सिर्फ एक वोट से विजेता घोषित किया गया था.

हालांकि, विपक्षी उम्मीदवार और उनके समर्थकों ने आरोप लगाया कि तीन वोटों की गिनती नहीं की गई है, जिससे वहां हंगामा हो गया. बयाना की एसडीएम अलका श्रीवास्तव मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद मतगणना उनके कार्यालय में कराने का निर्णय लिया गया.

इन चुनावों में कई प्रमुख Political परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों को भी हार का सामना करना पड़ा. सलूंबर से भाजपा विधायक शांता मीना के बेटे कपिल मीना सेमारी ग्राम पंचायत में सरपंच का चुनाव हार गए. उनके दिवंगत पिता अमृतलाल मीना भी भाजपा विधायक रह चुके थे.

उदयपुर के खेरवाड़ा से कांग्रेस विधायक दयाराम परमार की भाभी कमला परमार भी सरपंच का चुनाव हार गईं. उन्होंने नयागांव पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली महुवाल ग्राम पंचायत से चुनाव लड़ा था. उनके पति पन्नालाल ने पंचायत समिति के वार्ड 6 से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और वे ‘प्रधान’ पद के दावेदारों में से एक हैं. पंचायत समिति चुनाव के नतीजे 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे.

Rajasthan की पूर्व Chief Minister वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार रहे महेंद्र भारद्वाज की पत्नी शोभा भारद्वाज ने टोंक जिले के देवली से सरपंच का चुनाव जीता. उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी मंजू को 124 वोटों से हराया.

चित्तौड़गढ़ के विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की चाची तम्मा कंवर भी भादेसर पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले आक्या गांव से सरपंच चुनी गईं.

मंडफिया में श्री सांवरिया मंदिर के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया लाल वैष्णव के बेटे राजकुमार वैष्णव ने भी जीत हासिल की. ​​जालौर जिले में छगनलाल भील ने चितलवाना पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली कुंभिया ग्राम पंचायत से सरपंच का चुनाव जीता. उन्होंने नायब तहसीलदार विरमाराम की पत्नी उगम देवी को 13 वोटों से हराया.

सांचौर के विधायक जीवराम चौधरी के निजी सहायक डॉ. नरसीराम चौधरी की मां वेजी देवी डाबल गांव से सरपंच चुनी गईं. समर्थकों ने उनके निजी सहायक को अपने कंधों पर उठाकर उनकी जीत का जश्न मनाया.

दौसा जिले के बरोली मतदान केंद्र पर उस समय हंगामा हो गया, जब यह आरोप लगा कि एक मतपेटी को तोड़ा गया था.

वहीं, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी धर्म सिंह मीणा की पत्नी मौसम मीणा ने सिकराय पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली गनीपुर ग्राम पंचायत से सरपंच का चुनाव जीता.

उदयपुर जिले में कन्हैयालाल अहारी ने कल्याणपुर ग्राम पंचायत से सरपंच का चुनाव जीता. उनकी जीत का जश्न समर्थकों ने नाच-गाकर मनाया.

इसके अलावा, टोंक जिले की देवली पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली राजमहल ग्राम पंचायत में वोटों की गिनती के दौरान चुनाव अधिकारी मोहम्मद लुकमान को दिल का दौरा पड़ गया. उन्हें देवली उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए किसी बड़े चिकित्सा केंद्र में रेफर कर दिया गया.

चुनाव परिणामों में नौसर देवी की जीत भी शामिल रही, जो Rajasthan की सबसे छोटी ग्राम पंचायतों में से एक की सरपंच चुनी गई हैं.

पंचायती राज चुनावों के तीसरे चरण के तहत, Friday को उप-सरपंच के पद के लिए मतदान हो रहा है. Thursday को 3,716 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच के पदों के लिए चुनाव हुए थे, जिनके नतीजे Thursday देर रात घोषित किए गए.

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डीकेएम/एबीएम