राजस्थान निकाय चुनाव : डीग नगर परिषद की सत्ता की चाबी निर्दलीयों के हाथ लगी, भाजपा बहुमत से दूर

डीग, 14 सितंबर . Rajasthan में डीग नगर परिषद चुनाव में एक बार फिर किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. 40 वार्डों के लिए Monday को घोषित हुए परिणामों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से 5 कदम दूर रह गई. भाजपा ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि 24 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी है. 40 सदस्यीय नगर परिषद में बहुमत के लिए 21 पार्षदों की जरूरत है, जो किसी के पास नहीं है. नतीजों के बाद अब बोर्ड गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है.

11 सितंबर को नगर परिषद डीग के 40 वार्डों के लिए मतदान कराया गया था. मतगणना Monday सुबह 8 बजे डीग शहर के किशन लाल जोशी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुरू हुई. आठ राउंड में पूरी हुई मतगणना के दौरान प्रत्याशियों और समर्थकों में जबरदस्त उत्सुकता देखी गई. परिणाम आते ही तस्वीर साफ हो गई कि इस बार भी नगर परिषद में त्रिशंकु बोर्ड बनेगा.

भाजपा इस चुनाव में 16 सीटों के साथ सबसे बड़ा Political दल बनकर उभरी है. यह भाजपा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन बोर्ड बनाने के लिए उसके पास पर्याप्त संख्या नहीं है. भाजपा को सभापति का बोर्ड बनाने के लिए कम से कम 5 और पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी. अब भाजपा की नजर निर्दलीय पार्षदों पर टिकी है. पार्टी को निर्दलीयों को साधने के लिए बड़ी रणनीति बनानी होगी.

इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर निर्दलीयों का प्रदर्शन रहा. 24 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है, जो भाजपा की सीटों से भी 8 ज्यादा है. ऐसे में अब नगर परिषद में Government किसकी बनेगी, यह पूरी तरह से इन्हीं 24 निर्दलीयों पर निर्भर करेगा. जिस भी खेमे में निर्दलीयों का बड़ा समूह जाएगा, उसी के लिए बोर्ड बनाना आसान हो जाएगा. परिणाम आने के साथ ही निर्दलीय पार्षदों के घरों पर Political दलों के नेताओं का आना-जाना शुरू हो गया है और जोड़तोड़ की राजनीति तेज हो गई है.

पार्षदों के चुनाव के बाद अब सबकी नजर अध्यक्ष पद पर है. बोर्ड गठन के लिए जिस पक्ष के पास 21 का जादुई आंकड़ा होगा, अध्यक्ष पद पर उसका दावा सबसे मजबूत होगा. यदि निर्दलीयों का बड़ा गुट भाजपा के साथ आता है तो भाजपा आसानी से बोर्ड बना लेगी लेकिन अगर निर्दलीय आपस में एकजुट होकर कोई अलग रणनीति बनाते हैं तो समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं.

पिछले चुनाव की तरह इस बार भी डीग की जनता ने किसी एक दल को खुला जनादेश नहीं दिया है. भाजपा के पास Political दल के तौर पर सबसे ज्यादा सीटें हैं, लेकिन सत्ता की असली चाबी फिलहाल निर्दलीयों के हाथ में ही है. आने वाले कुछ दिनों में होने वाली बातचीत और बैठकों के बाद ही तय होगा कि डीग नगर परिषद में अगला बोर्ड किसका बनेगा.

एससीएच/