
jaipur, 29 अगस्त . एसडीएम थप्पड़ मामले में टोंक जेल में बंद स्वतंत्र नेता नरेश मीना की तबीयत Saturday को बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच सादात अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया.
अधिकारियों ने बताया कि मीना ने दोपहर करीब 12 बजे जेल के अंदर सीने में दर्द की शिकायत की. Prime Minister कार्यालय के प्रतीक सलोदिया ने पुष्टि की कि जेल प्रशासन ने उन्हें दोपहर 12:28 बजे अस्पताल भेजा, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया. उनका ईसीजी सामान्य है, जबकि रक्त परीक्षण रिपोर्ट का इंतजार है. डॉक्टर पूरी रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद आगे के उपचार का निर्णय लेंगे. इसके बाद ही ये निर्णय भी लिया जाएगा कि उन्हें टोंक में ही रखा जाए या jaipur स्थानांतरित किया जाए.
उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर से समर्थक सादात अस्पताल पहुंच गए, जहां उन्होंने जेल में दी जा रही चिकित्सा देखभाल पर सवाल उठाए. पूर्व सरपंच आरडी गुर्जर ने आरोप लगाया कि मीना एक सप्ताह से अधिक समय से सीने और पीठ दर्द से पीड़ित थे, लेकिन उन्हें समय पर इलाज नहीं मिला, और Government और जेल प्रशासन पर उनकी जान जोखिम में डालने का आरोप लगाया. इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है.
गुर्जर ने बताया कि पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने 22 अगस्त को जेल में मीना से मुलाकात की थी, जब मीना ने कथित तौर पर सीने में दर्द की शिकायत की थी. गुढ़ा ने बाद में मीडिया को बताया कि मीना अस्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता है.
समर्थकों द्वारा उचित चिकित्सा उपचार की मांग जारी रहने के कारण Police ने एहतियात के तौर पर सादात अस्पताल के बाहर सुरक्षा बल तैनात किया.
दिवंगत गुर्जर नेता कर्नल किरोरी बैंसला की बेटी सुनीता बैंसला ने भी मीना के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की थी. 25 अगस्त को social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा था कि सीने में दर्द और चक्कर आने की शिकायतें चिंताजनक हैं और उन्होंने Rajasthan Government से मीना की पूरी तरह से जांच और समय पर इलाज सुनिश्चित करने का आग्रह किया था.
लंबित जांच परिणामों के आने के बाद मीना की वर्तमान स्थिति के बारे में और स्पष्ट जानकारी मिलेगी.
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एमएस/
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