
डीग, 12 अक्टूबर . Rajasthan के डीग शहर में चल रहे 137वें ऐतिहासिक श्रीरामलीला महोत्सव-2026 के तहत Monday को भव्य राम बारात शोभायात्रा निकाली गई. सात सजी-धजी बग्गियों और दो डीजे के साथ निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. पूरे शहर में जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे और माहौल भक्तिमय बना रहा.
शहर के मुख्य बाजार स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर चौक पर आयोजित यह ऐतिहासिक श्रीरामलीला महोत्सव 8 से 21 अक्टूबर तक चलेगा. महोत्सव का आयोजन आचार्य पंडित नारायण लाल अखाड़ा रामलीला समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है.
Monday को राम बारात रामलीला मैदान से रवाना हुई और लोहा मंडी, गोवर्धन दरवाजा, गणेश जी मंदिर तथा लक्ष्मण जी की परिक्रमा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी. इसके बाद शोभायात्रा मुख्य पंडाल, नीलकंठ महादेव मंदिर चौक पहुंची.
राम बारात के मार्ग में जगह-जगह शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया. श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते हुए शोभायात्रा का अभिनंदन किया. राम बारात में शामिल आकर्षक बग्गियां और धार्मिक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं.
आयोजकों के अनुसार, श्रीरामलीला महोत्सव डीग की ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं.
राम बारात के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के भी विशेष इंतजाम किए गए थे. पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था और शहर का वातावरण पूरी तरह राममय नजर आया.
इससे पहले ऐतिहासिक जल महलों की नगरी डीग में Saturday को Rajasthan पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में डीग महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ. महोत्सव के आगाज पर शहर में उत्सव और उल्लास का माहौल देखने को मिला. जिला कलक्टर मयंक मनीष ने ऐतिहासिक जल महलों से शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. शोभायात्रा में Rajasthan ी लोक कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों, पारंपरिक वेशभूषा और महिलाओं की कलश यात्रा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया.
शोभायात्रा जल महलों से शुरू होकर शहर के प्रमुख बाजारों से गुजरी और वापस जल महलों पर पहुंचकर संपन्न हुई. इस दौरान Rajasthan ी लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली. लोक कलाकारों ने पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया. वहीं, महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया. आयोजन के जरिए डीग की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया.
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एएमटी/
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